पंजाब के अमृतसर जिले में एक थाना अजनाला है। गुरुवार 23 फरवरी को हजारों की संख्या में निहंग सिख थाने को घेर रखे थे। मांग थी कि अमृतपाल सिंह के समर्थक लवप्रीत तूफान को पुलिस ने गिरफ्तार क्यों किया है। अमृतपाल के समर्थक उसकी रिहाई की मांग कर रहे थे। लेकिन जब पुलिस ने बात नहीं सुनी तो हाथों में तलवार थाने पर धावा बोल दिया। पंजाब पुलिस खड़ी खड़ी देखती रह गई। इस हंगामे के बाद अमृतपाल ने बयान जारी कर कहा कि जो हाल इंदिरा गांधी का हुआ था वही हाल गृहमंत्री अमित शाह, नरेंद्र मोदी और भगवंत मान का करेंगे। इस शख्स के बारे में पता चला कि यह खालिस्तान का समर्थक है और वारिस दा पंजाब का मुखिया है। इस संगठन की स्थापना किसान आंदोलन के वक्त संदीप सिंह ऊर्फ दीप सिद्धू ने की थी। दीप सिद्धू वही शख्स है जिसने लाल किले पर निशान फहराया था। हालांकि सड़क हादसे में उसकी मौत हो चुकी है।
पंजाब पुलिस ने गुरुवार को ही कहा कि लवप्रीत को गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था और उसे रिहा कर दिया जाएगा। 24 फरवरी को अमृतपाल सिंह थाने गया और भड़काने वाले बयान दिया। खालिस्तान के बारे में उसने कहा कि इस शब्द को बौद्धिक नजरिए से देखना चाहिए। अमृतपाल ने कहा कि उसकी खालिस्तान की मांग को किसी बुराई या गलत रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे बौद्धिक तरीके से देखेंगे तो आपको पता चलेगा की किस तरह जियोपोलिटिकल तौर पर फायदा हो सकता है। यह एक विचार है और विचार कभी मरते नहीं। हम इसकी मांग दिल्ली से नहीं कर रहे।
अमृतपाल सिंह ने कहा कि उसे भरोसा मिला है वैधानिक औपचारिकता पूरी होने के बाद गिरफ्तार शख्स को छोड़ दिया जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि लवप्रीत को शुक्रवार शाम तक छोड़ दिया जाएगा। इसके लिए समर्थक स्वर्ण मंदिर में अरदास कर रहे हैं। अमृतसर के एसपी रूरल सतिंदर सिंह ने कहा कि लवप्रीत के समर्थकों ने इस बात के साक्ष्य पेश किए हैं कि वो घटना वाले दिन मौके पर नहीं था। पुलिस इस संबंध में अदालत के सामने साक्ष्य पेश कर रही है। फिलहाल हालात नियंत्रण में है, हालांकि जब यह पूछा गया कि क्या पुलिस अजनाला थाने पर धावा बोलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी तो जवाब नहीं मिला।
