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जय प्रकाश नारायण की धरती से बोले अमित शाह, करप्शन की जननी है कांग्रेस

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  • Updated Oct 11, 2022, 02:46 PM IST

बिहार के सिताब दियारा में गृहमंत्री अमित शाह ने समाजवादी नेता जय प्रकाश नारायण की जयंती में हिस्सा लिया और कांग्रेस को जमकर कोसा।

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अमित शाह, गृहमंत्री

Photo : ANI

लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मजयंती के मौके पर उनके गांव सिताब दियारा में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उनका सबसे बड़ा योगदान तो ये है कि 70 के दशक में उन्होंने भ्रष्टाचार और सत्ता के नशे में डूबी सरकार के खिलाफ जनअभियान चलाया था। 1973 में इंदिरा जी की अगुवाई में गुजरात में चिमनभाई पटेल सीएम थे। इंदिरा जी ने सीधे पैसा वसूली के काम पर लगा दिया और वहां से भ्रष्टाचार का आगाज हुआ। गुजरात में छात्र इसके खिलाफ उठ खड़े हुए जेपी की अगुवाई में आंदोलन चला और चिमनभाई की सरकार चली गई।

जेपी को इस वजह से डाला गया जेल में

गुजरात के आंदोलन के बाद उन्होंने बिहार की धरती पर आंदोलन चलाना शुरू किया। आंदोलन को देख इंदिरा गांधी परेशान हो गईं और उसका असर यह हुआ कि देश की प्रधानमंत्री को आपातकाल लगाना पड़ा और जय प्रकाश नारायण को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि यह तो कांग्रेस की परंपरा रही है जिस किसी ने उसकी काली करतूतों को जनता के सामने रखा उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जेपी की ललकार से कांग्रेस पूरी तरह डरी हुई थी। लेकिन लोगों को उम्मीद नजर आ रही थी कि अब कुछ बड़ा बदलाव आने वाला है।

नीतीश कुमार पर साधा निशाना

मैं आज बिहार की जनता से पूछना चाहता हूं कि जेपी आंदोलन से ऊंचाईयां हासिल करने वाले नेता आज सिर्फ सत्ता के लिए कांग्रेस की गोद में उनका नाम लेकर बैठे हैं-क्या आप उनके साथ हैं? क्या यही है जयप्रकाश नारायण के सिद्धांतों की राजनीति? यह उनके (#जयप्रकाश नारायण) द्वारा दिखाया गया मार्ग नहीं है। उन्होंने सत्ता के लिए कभी कुछ नहीं किया और जीवन भर सिद्धांतों के लिए काम किया। आज सत्ता के लिए 5 बार बिहार के सीएम पाला बदल चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शाह वाराणसी होते हुए सिताब दियारा पहुंचें। शाह सिताब दियारा में जेपी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे और एक जनसभा को संबोधित किया। गृह मंत्री के दौरे के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।बिहार में भाजपा के सत्ता से बेदखल होने के बाद शाह का यह दूसरा बिहार दौरा होगा। इससे पहले उन्होंने 23 सितंबर को सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया और किशनगंज का दौरा किया था।

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