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बसपा में फिर हुई आकाश आनंद की वापसी: मायावती ने बनाया स्टार कैंपेनर, उत्तराखंड उपचुनाव में करेंगे प्रचार

Akash Anand BSP: लोकसभा चुनाव के दौरान मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपने उत्तराधिकारी और बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था। अब पार्टी ने उन्हें उत्तराखंड उपचुनाव में स्टार कैंपेनर बनाया है। पार्टी की ओर से 13 लोगों की लिस्ट जारी की गई है। इसमें पहले नंबर पर मायावती तो दूसरे नंबर पर आकाश आनंद का नाम शामिल है।

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उत्तराखंड उपचुनाव में आकाश आनंद बनाए गए स्टार प्रचारक

Photo : Twitter

Akash Anand BSP: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर आकाश आनंद की वापसी हो गई है। मायावती ने उन्हें उत्तराखंड उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारक बनाया है। शनिवार को बसपा की ओर से जारी की गई 13 स्टार प्रचारकों की लिस्ट में आकाश आनंद का नाम भी शामिल है। लोकसभा चुनाव के दौरान मायावती ने आकाश आनंद को अपने उत्तराधिकारी और बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया था। इससे पहले बसपा ने पंजाब उपचुनाव के लिए भी आकाश आनंद को स्टार प्रचारक बनाया था।

बसपा की ओर से जारी की गई लिस्ट में आकाश आनंद का नाम मायावती के बाद दूसरे नंबर पर है। इसका मतलब यह हुआ कि बसपा में मायावती के बाद आकाश आनंद ही दूसरे नंबर के नेता होंगे। हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान साइड लाइन किए जाने के बाद से आकाश आनंद के पास संगठन में कोई पद नहीं है। इसके बावजूद वह होने वाले उपचुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करते नजर आएंगे।

लोकसभा चुनाव के दौरान हटाए गए थे आकाश आनंद

मायावती ने आकाश आनंद को बीते साल दिसंबर में अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। उन्हें पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर भी बनाया गया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी भी आकाश आनंद के कंधों पर थी। उन्होंने कई रैलियों को संबोधित भी किया था। हालांकि, उनके भाषणों को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद आकाश आनंद के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इसके तुरंत बाद मायावती ने उन्हें बसपा के सभी पदों से मुक्त कर दिया था।

मायावती ने क्या कहा था?

आकाश आनंद को बसपा में सभी पदों से हटाए जाने की जानकारी मायावती ने ट्वीट कर दी थी। उन्होंने लिखा था, विदित है कि बीएसपी एक पार्टी के साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा सामाजिक परिवर्तन का भी मूवमेन्ट है, जिसके लिए मान्य. श्री कांशीराम जी व मैंने खुद भी अपनी पूरी ज़िन्दगी समर्पित की है। इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में पार्टी में, अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही आकाश आनन्द को नेशनल कोओर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किय। किन्तु पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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