Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ आ चुका है। शनिवार को एनसीपी और एनसीपी (शरद गुट) के दो बड़े नेता यानी अजीत पवार और सुप्रिया शुले ने एक साथ मिलकर मीडिया का संबोधित किया। दरअसल, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों से पहले एनसीपी के दोनों गुट एक साथ नजर आ रहे हैं। दोनों नेताओं ने पुणे में संयुक्त प्रेस वार्ता कर दोनों नगर निगमों के लिए साझा चुनावी घोषणापत्र जारी किया। साल 2023 के बाद पहली बार दोनों नेता एक साथ राजनीतिक मंच साझा करते नजर आए।
साल 2023 में दो हिस्सों में बंट गई NCP
बता दें कि साल 2023 में एनसीपी दो हिस्सों में बंट गई थी। 2 जुलाई 2023 को पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने एकनाथ शिंदे और बीजेपी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके साथ ही एनसीपी में औपचारिक विभाजन हो गया और पार्टी दो गुटों में बंट गई, एक गुट अजित पवार के नेतृत्व में और दूसरा शरद पवार के नेतृत्व में, जिसे बाद में एनसीपी (शरद पवार गुट) या NCP-SCP के नाम से जाना गया। इस विभाजन के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच कानूनी और राजनीतिक संघर्ष भी देखने को मिला।
घोषणापत्र में क्या-क्या है?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं ने शहरी बुनियादी ढांचे, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को रखा। घोषणापत्र में जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और डिजिटल नागरिक सेवाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
सुप्रिया सुले और अजित पवार ने क्या-क्या कहा?
सुप्रिया सुले ने कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे महानगरों को तेजी से बढ़ती आबादी के अनुरूप योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र तैयार करते समय नागरिकों से मिले सुझावों को प्राथमिकता दी गई है। वहीं अजित पवार ने कहा कि नगर निगमों में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि साझा घोषणापत्र विकास कार्यों को गति देने में सहायक साबित होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, नगर निगम चुनावों से पहले दोनों नेताओं का एक साथ मंच साझा करना महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब एनसीपी के दोनों गुटों के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद रहे हैं। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इस साझा पहल पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।
