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अजित पवार एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे; सीएम फडणवीस ने कर दी ये भविष्यवाणी

CM Fadnavis on Ajit Pawar: शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि अजित पवार एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नीत गठबंधन ने लोकसभा चुनाव प्रचार में विपक्ष द्वारा फैलाए गए सभी फर्जी विमर्श ध्वस्त कर दिए।

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देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह और उपमुख्यमंत्री अजित पवार तथा एकनाथ शिंदे 24 घंटे सातों दिन पालियों में काम करेंगे। देर रात तक काम करने के लिए पहचाने जाने वाले शिंदे का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘‘अजित पवार सुबह काम करेंगे, वे सुबह जल्दी उठ जाते हैं। मैं दोपहर 12 बजे से आधी रात तक काम पर रहता हूं, जबकि रात भर... आप सभी जानते हैं कि कौन (काम करता) है।’’

फडणवीस बोले- अजित पवार एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे

वह नागपुर में मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में राज्यपाल के संयुक्त अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर विधानसभा में हुई बहस का जवाब दे रहे थे। अजित पवार का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा, ‘‘आपको ‘स्थायी उपमुख्यमंत्री’ कहा जाता है, लेकिन मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। आप एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे।’’ अजित पवार ने पांच दिसंबर को छठी बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

विधानसभा चुनाव के नतीजों में अजित पवार का दिखा जलवा

लोकसभा चुनाव में अजित पवार नीत राकांपा को केवल एक सीट मिली थी। इस करारी हार के बाद अजित पवार की पार्टी ने हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में जबरदस्त वापसी की तथा 57 निर्वाचन क्षेत्रों में से 41 सीट पर जी दर्ज की।

भाजपा, शिवसेना और राकांपा के ‘महायुति’ गठबंधन ने राज्य विधानसभा की 288 सीट में से 230 से अधिक सीट जीतीं, जबकि महाविकास आघाडी (एमवीए) केवल 46 सीट ही हासिल कर सका।

'हमने आपके सभी झूठे विमर्श चुनाव में ध्वस्त कर दिये'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नीत गठबंधन ने लोकसभा चुनाव प्रचार में विपक्ष द्वारा फैलाये गये सभी फर्जी विमर्श ध्वस्त कर दिये। फडणवीस ने यहां विधानसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष से आत्मचिंतन करने और जनादेश को स्वीकार करने को कहा। उन्होंने महाभारत की मिसाल देते हुए कहा कि वह आधुनिक समय के अभिमन्यु हैं जो चक्रव्यूह को तोड़ना जानते हैं।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि महिलाओं के लिए प्रमुख लाडकी बहन योजना सहित सरकार की वर्तमान में जारी सभी योजनाएं जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडकी बहन योजना की दिसंबर की किस्त महीने के अंत तक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। बीस नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन महायुति की प्रचंड जीत के बाद नागपुर में राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र जारी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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