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Ran Samwad 2026: भविष्य नहीं, वर्तमान की जरूरत है...एयर मार्शल दीक्षित ने भारत को बाहरी खतरों से बचाने के लिए क्या विकल्प रखा?

Ran Samwad 2026 Update: आशुतोष दीक्षित ने कहा कि बहु-क्षेत्रीय संचालन भविष्य का विकल्प नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता है।

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Ran Samwad 2026: भविष्य नहीं, वर्तमान की जरूरत है...एयर मार्शल दीक्षित ने भारत को बाहरी खतरों से बचाने के लिए क्या विकल्प रखा?

Air Marshal Ashutosh Dixit News: एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को बहु-क्षेत्रीय संचालन (MDO) (Multi-Domain Operations) अपनाने की ओर बढ़ने की जरूरत है, क्योंकि देश को बाहरी खतरों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तैयारी शुरू से ही बहु-क्षेत्रीय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बहु-क्षेत्रीय संचालन भविष्य का विकल्प नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता है।

वह बेंगलुरु में 'रण संवाद 2026' के दूसरे संस्करण में मुख्य भाषण दे रहे थे, जिसका विषय था 'बहु-क्षेत्रीय संचालन: पारंपरिक और अनियमित खतरों से निपटना।' दीक्षित ने कहा कि भारत का वातावरण इस परिवर्तन को अत्यावश्यक बनाता है।

उन्होंने कहा कि देश की उत्तरी सीमाओं पर टोही ड्रोन, उपग्रह निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों की तैनाती है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र में, समुद्री संचार मार्ग अंतरिक्ष-आधारित निगरानी, पनडुब्बी प्रतिस्पर्धा और विमानवाहक पोत-आधारित शक्ति प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं।

हर दिन नये-नये खतरे सामने आ रहे

उनके अनुसार, पश्चिमी सीमाओं पर दिन-प्रतिदिन नये-नये खतरे उभर रहे हैं। दुष्प्रचार अभियान, विद्युत ग्रिड को निशाना बनाकर साइबर घुसपैठ, संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले जैसे मिश्रित खतरे जानबूझकर शांति और संघर्ष के बीच के भेद को मिटा रहे हैं। दीक्षित ने कहा कि इन खतरों का निपटारा क्रमबद्ध तरीके से नहीं किया जा सकता, बल्कि एक साथ, विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित तरीके से ऐसा किया जाना चाहिए।

पश्चिम एशिया संघर्ष पर उन्होंने कहा कि यह इस बात की स्पष्ट याद दिलाता है कि समुद्री मार्गों में व्यवधान, ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट और क्षेत्रीय अस्थिरता भारत के हितों को प्रभावित कर सकती है, भले ही कोई एक शत्रु हमें सीधे तौर पर निशाना न बना रहा हो। उन्होंने कहा, 'तैयारी शुरू से ही बहु-क्षेत्रीय होनी चाहिए। इसीलिए बहु क्षेत्रीय अभियान भविष्य का विकल्प नहीं है, बल्कि यह वर्तमान की आवश्यकता है।'

रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए, एयर मार्शल ने कहा कि संघर्ष के शुरुआती चरणों ने प्रदर्शित किया कि कैसे एक छोटी सेना, वाणिज्यिक उपग्रह तस्वीरों, अंतरिक्ष-आधारित संचार, सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क और सटीक गोलाबारी का उपयोग करते हुए एक बड़ी सेना को कड़ी चुनौती दे सकती है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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