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विमान हादसे के पीछे क्या हैं मूल तथ्य? कैप्टन सभरवाल के पिता ने AAIB के निष्कर्षों पर उठाए सवाल; जांच की मांग की

Air India Plane Crash: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट से नाराज कैप्टनी सुमित सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार से औपचारिक जांच की मांग की। पुष्कराज ने पत्र में कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि उस दिन ‘क्या’ हुआ था या दुर्घटना के पीछे के मूल तथ्य क्या हैं।

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अहमदाबाद विमान हादसा (फाइल फोटो साभार: AP)

Photo : AP

Air India Plane Crash: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट से नाराज कैप्टनी सुमित सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार से औपचारिक जांच की मांग की। अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डा जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान 12 जून को उड़ान भरने के कुछ सेकेंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें विमान में सवार 241 यात्री शामिल थे।

नागरिक उड्डयन सचिव और एएआईबी महानिदेशक को लिखे एक पत्र में 91 वर्षीय पुष्कराज सभरवाल ने कहा कि दुर्घटना के बारे में चुनिंदा लीक होने की वजह से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुमित बहुत ज्यादा मनोवैज्ञानिक दबाव में थे, जिसकी वजह से वह आत्महत्या करने का विचार कर रहे थे।

'सुमित की धवि हुई धूमिल'

पत्र में कहा गया है कि इन बातों से मेरे स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ा है। साथ ही कैप्टन सुमित सभरवाल की छवि भी धूमिल हुई है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत भारत के नागरिक को प्रदत्त मौलिक अधिकार है। पुष्कराज ने पत्र में मांग की है कि केंद्र सरकार विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 के नियम-12 के तहत हादसे की औपचारिक जांच का आदेश दे।

नियम-12 के तहत केंद्र सरकार भारत में पंजीकृत किसी विमान के हादसे का शिकार होने की परिस्थितियों की औपचारिक जांच का आदेश दे सकती है, अगर यह प्रतीत होता है कि ऐसी जांच कराना आवश्यक है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एएआईबी की ओर से इस पत्र पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

एएआईबी ने 12 जुलाई को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी होने के बाद हादसे के पीछे की वजहों को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच कहा था कि दुर्घटना के कारणों पर अभी कोई “स्पष्ट निष्कर्ष” निकालना जल्दबाजी होगा, क्योंकि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट में मूल वजहों का खुलासा होगा। जांच एजेंसी ने लोगों से मामले की जांच पूरी होने तक इस तरह की अटकलबाजियों से बचने का भी आग्रह किया था।

हादसे वाले दिन क्या हुआ था?

पुष्कराज ने पत्र में कहा, “प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि उस दिन ‘क्या’ हुआ था या दुर्घटना के पीछे के मूल तथ्य क्या हैं। इसके बजाय, इसमें एक तरफ आरोपों का सहारा लिया गया है और दूसरी ओर निर्माताओं को पूरी तरह से ‘क्लीन चिट’ दी गई है। यह रिपोर्ट अपने मौजूदा स्वरूप में अधूरी, ध्यान भटकाने वाली और असंगत है।”

पत्र में दावा किया गया है कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से चुनिंदा जानकारी सार्वजनिक की गई है। इसमें कहा गया है कि जांचकर्ताओं की ओर से ऐसी जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री जारी कर दी गई है, जिसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज डेटा भी शामिल है। पत्र में पुष्करराज ने अपने बेटे के मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लगाई जा रही अटकलों को भी खारिज किया है। उन्होंने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा है कि ऐसा कहा जा रहा है कि सुमित का तलाक हो गया था, जिसके चलते वह अवसाद से जूझ रहा था।

पत्र में कहा गया है, “खबरों में यह तथ्य शामिल नहीं किया गया है कि कैप्टन सभरवाल का लगभग 15 साल पहले तलाक हो गया था। कैप्टन सभरवाल के आत्महत्या करने के बारे में सोचने की अटकल इस बात को लेकर भी लगाई जा रही है कि वह अपनी मां की मौत से बहुत दुखी थे। उनकी मां की मौत को तीन साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है। मां की मौत के बाद वह 100 से उड़ानों का सफलतापूर्वक संचालन कर चुके थे।”

कैप्टन सभरवाल को था 15,638 घंटों का उड़ान अनुभव

इसमें कहा गया है, “यह ध्यान देने योग्य बात है कि पायलट के रूप में 25 वर्षों से अधिक लंबे करियर में कैप्टन सभरवाल के कारण एक भी दुर्घटना या दुर्घटना के कारण मौत का मामला सामने नहीं आया।” पत्र में कहा गया है कि कैप्टन सभरवाल के पास लगभग 15,638.22 घंटे उड़ान का अनुभव था, जिसमें से 8,596 घंटे बोइंग 787-8 विमान विमान पर थे। इसमें दावा किया गया है कि कैप्टन सभरवाल को पायलट प्रशिक्षक यानी ‘लाइन ट्रेनिंग कैप्टन’ के पद पर भी नियुक्त किया गया था और इस उद्देश्य के लिए उनके पास नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) का लाइसेंस भी था।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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