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एयर इंडिया विमान हादसा: अमेरिकी गोल्डन चेसिस ने AAIB को ब्लैक बॉक्स से 49 घंटे का उड़ान डेटा डाउनलोड करने में की मदद

24 जून को नई दिल्ली स्थित एएआईबी प्रयोगशाला में अग्रिम ईएएफआर से डेटा निकालने का प्रयास किया गया। जांचकर्ताओं ने क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (CPM) को सही सलामत और अच्छी स्थिति में पाया।

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एयर इंडिया विमान क्रैश मामला (PTI)

Air India crash report: अमेरिका के एक गोल्डन चेसिस ने पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान बोइंग 787-8 के ब्लैक बॉक्स से 49 घंटे का उड़ान डेटा डाउनलोड करने में मदद की। यह विमान दुर्घटना 12 जून को हुई थी जिसमें 260 लोग मारे गए थे। विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) ने दो ब्लैक बॉक्स या 'इन्हेंस्ड एयरबोर्न फ्लाइट रिकॉर्डर' (EAFRs) बरामद किए और उन्हें 24 जून को दिल्ली लाया गया।

सामान्यतः क्षतिग्रस्त फ्लाइट रिकार्डर से डेटा को गोल्डन चेसिस और अन्य दुर्घटना जांच प्राधिकारियों से प्रासंगिक डाउनलोड केबल प्राप्त करने के बाद डाउनलोड किया जाता है। वर्तमान जांच में एएआईबी ने शनिवार को कहा कि गोल्डन चेसिस या समान ईएएफआर इकाई और ईएएफआर से डेटा डाउनलोड करने के लिए आवश्यक डाउनलोड केबल, अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) से प्राप्त किए गए थे।

दो घंटे के ऑडियो में पूरी जानकारी

24 जून को नई दिल्ली स्थित एएआईबी प्रयोगशाला में अग्रिम ईएएफआर से डेटा निकालने का प्रयास किया गया। जांचकर्ताओं ने क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (CPM) को सही सलामत और अच्छी स्थिति में पाया। एएआईबी ने दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा, सीपीएम को गोल्डन चेसिस पर लगाया गया था और ईएएफआर से कच्चा डेटा डाउनलोड किया गया था। डाउनलोड किए गए उड़ान डेटा में लगभग 49 घंटे का उड़ान डेटा और 6 उड़ानें शामिल थीं, जिसमें घटना वाली उड़ान भी शामिल थी।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, बरामद ऑडियो दो घंटे लंबा था और उसमें घटना की पूरी जानकारी थी। रिकॉर्ड किए गए ऑडियो और उड़ान डेटा का प्रारंभिक विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछली ईएएफआर को काफी नुकसान पहुंचा था और मानक प्रक्रियाओं का उपयोग करके उस तक पहुंचा नहीं जा सका। जांचकर्ताओं ने मेमोरी कार्ड का निरीक्षण करने के लिए सीपीएम खोला, लेकिन पाया कि नुकसान बहुत अधिक था।

जांच में कौन-कौन शामिल

जांच का नेतृत्व संजय कुमार सिंह कर रहे हैं, जिन्हें प्रभारी अन्वेषक नियुक्त किया गया है। जसबीर सिंह लर्हगा मुख्य अन्वेषक के रूप में कार्यरत हैं। जांच दल में विपिन वेणु वरकोठ, वीरारागवन के. और वैष्णव विजयकुमार भी शामिल हैं। जांच के तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं में सहयोग के लिए, एएआईबी ने अनुभवी पायलटों, इंजीनियरों, विमानन चिकित्सा विशेषज्ञों, विमानन मनोवैज्ञानिकों और उड़ान रिकॉर्डर विशेषज्ञों को विषय विशेषज्ञों के रूप में शामिल किया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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