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वक्फ विधेयक के खिलाफ AIMPLB ने उठाया विरोध का झंडा, 17 मार्च को धरना-प्रदर्शन का ऐलान, कई विपक्षी सांसदों को न्योता

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंगलवार को कहा कि उसने वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ 17 मार्च को यहां जंतर-मंतर पर धरने का आयोजन किया है, जिसमें विभिन्न मुस्लिम संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ही विपक्ष के कई सांसदों को आमंत्रित किया गया है।

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बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास

Photo : PTI

AIMPLB Protest At Jantar Mantar: वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर सियासी संग्राम छिड़ने के साथ ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भी इसके पुरजोर विरोध की ठान ली है। AIMPLB सभी धार्मिक और समुदाय आधारित संगठनों के साथ मिलकर वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ 17 मार्च 2025 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगा। इसमें विपक्षी दलों के कई सांसदों को भी न्योता दिया गया है।

टीडीपी और जेडीयू को न्योता नहीं

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंगलवार को कहा कि उसने वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ 17 मार्च को यहां जंतर-मंतर पर धरने का आयोजन किया है, जिसमें विभिन्न मुस्लिम संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ही विपक्ष के कई सांसदों को आमंत्रित किया गया है। बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने संवाददाताओं को बताया कि इस धरने में तेलुगू देशम पार्टी और जनता दल (यू) जैसे भाजपा के सहयोगी दलों को न्योता नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति में उसकी सहयोगी पार्टियां भी साथ दे रही हैं। पर्सनल लॉ बोर्ड पहले 13 मार्च को धरना देने वाला था, लेकिन उस दिन संसद के संभावित अवकाश के चलते कई सांसदों ने अपनी उपस्थिति को लेकर असर्मथता जताई, जिसके बाद उसने कार्यक्रम में बदलाव किया। इलियास ने कहा कि बोर्ड के प्रतिनिधियों ने जनवरी और फरवरी में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जद(यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनसे सहयोग मांगा था, लेकिन ये दोनों दल फिलहाल इस विषय पर सरकार के साथ नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी

उनके मुताबिक, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को करीब पांच करोड़ मुसलमानों ने ई-मेल के माध्यम से अपनी राय बताई, लेकिन सबकुछ नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने इस बात को दोहराया कि यह विधेयक पारित हुआ, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार मौजूदा सत्र (बजट सत्र का दूसरा चरण) में यह विधेयक संसद में पेश कर सकती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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