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Ahmedabad Plane Crash:'ऐसा लगा जैसे हमारे कान के पर्दे फट जाएंगे...', हादसे को लेकर क्या बोले चश्मदीद

Ahmedabad Plane Crash Eye Witness: अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना के बाद वहां से जुड़ी कई खबरें सामने आ रही हैं वहीं हादसे के चश्मदीद भी अपने अनुभव शेयर कर रहे हैं।

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हादसे के चश्मदीदों भी अपने अनुभव शेयर कर रहे हैं

Ahmedabad Plane Crash Eye Witness: शनिवार को अहमदाबाद में AI 171 विमान दुर्घटना की चश्मदीद रेखा क्षत्रिय ने इस भयावह त्रासदी के बाद के भयावह क्षणों को याद करते हुए कहा कि 'भले ही उनका परिवार तेज़ आवाज़ों का आदी था, लेकिन दुर्घटना की आवाज़ से ऐसा लगा जैसे उनके कान के पर्दे फट जाएंगे।'

क्षत्रिय ने आगे कहा कि 'उनके घर का सारा फ़र्नीचर हिंसक रूप से हिलने लगा था मैं पिछले 13-14 सालों से यहां रह रही हूं... उस दिन दोपहर 1:30 बजे के आसपास हमने एक तेज़ आवाज़ सुनी थी।हालांकि हम तेज़ आवाज़ें सुनने के आदी हैं, लेकिन इस बार ऐसा लगा जैसे हमारे कान के पर्दे फट जाएंगे। ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। हम अभी दोपहर का खाना खाने बैठे ही थे कि हमारे घर का फ़र्नीचर हिंसक रूप से हिलने लगा। एक पल के लिए तो ऐसा लगा जैसे बम विस्फोट हो गया हो... फिर जब हम बाहर गए तो देखा कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। हमने हर जगह विमान के टूटे हुए टुकड़े देखे... यह समझना मुश्किल था कि यह विमान दुर्घटना थी या आतंकवादी हमला या कुछ और, पूरा आसमान काले धुएं से भर गया था... हर जगह ऊंची लपटें उठ रही थीं...' क्षत्रिय ने एएनआई को बताया।

इस बीच, सरकार ने विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय बहु-विषयक समिति का गठन किया है।

मंत्रालय ने कहा कि समिति संबंधित संगठनों द्वारा की जा रही अन्य जांचों का विकल्प नहीं होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और संभालने के लिए एसओपी तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

दुखद विमान हादसे में 241 की मौत

गौरतलब है कि लंदन के गैटविक जा रहा एअर इंडिया का विमान बृहस्पतिवार दोपहर अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद एक आवासीय इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी। हादसे को हुए 30 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक केवल छह पीड़ितों के शव शिनाख्त के बाद उनके परिवारों को सौंपे गए हैं। कई यात्रियों के परिजनों ने अपने खून के नमूने दिए, ताकि उनके डीएनए का मिलान पीड़ितों के डीएनए से कर उनकी शिनाख्त की जा सके।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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