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Kedarnath News: एक पैर, अटूट हौसला और बाबा केदार में अटूट आस्था... कैसे नेहा ने जीत ली 19 KM की कठिन चढ़ाई?

अहमदाबाद की नेहा भट्ट ने कृत्रिम पैर के सहारे केदारनाथ धाम की करीब 19 किलोमीटर कठिन पैदल यात्रा पूरी कर बाबा केदार के दर्शन किए। 2021 के सड़क हादसे में उन्होंने अपना बायां पैर गंवा दिया था। इसके बावजूद नेहा ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार दूसरी बार केदारनाथ पहुंचीं। उनका लक्ष्य 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना है।

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हादसे ने छीना बायां पैर, महादेव की भक्ति ने दी नई उड़ान; लगातार दूसरी बार पैदल केदारनाथ पहुंचीं नेहा।

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
2021 के सड़क हादसे में गंवाया था बायां पैर

कृत्रिम पैर के सहारे दूसरी बार पहुंचीं केदारनाथ

अब तक सात ज्योतिर्लिंगों के कर चुकी हैं दर्शन

Kedarnath News: जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला बुलंद हो तो मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। गुजरात के अहमदाबाद की नेहा भट्ट ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। वर्ष 2021 में सड़क हादसे में अपना बायां पैर गंवाने वाली नेहा ने कृत्रिम पैर के सहारे केदारनाथ धाम की करीब 19 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर बाबा केदार के दर्शन किए। खास बात यह है कि नेहा लगातार दूसरी बार केदारनाथ पहुंची हैं।

नेहा दो दिन पहले त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंची थीं। इससे पहले वह ट्रेन से हरिद्वार आईं और वहां से वाहन के जरिए रुद्रप्रयाग पहुंचकर केदारनाथ की यात्रा शुरू की। कठिन चढ़ाई के बावजूद उन्होंने अकेले ही पैदल मार्ग तय किया।

हादसे ने छीना पैर, हौसले ने दी नई जिंदगी

नेहा के मुताबिक वर्ष 2021 में बस और ट्रक की भिड़ंत के दौरान वह बस से नीचे गिर गई थीं। हादसे में उनका बायां पैर, चेहरा और कंधा गंभीर रूप से घायल हो गया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण चिकित्सकों को उनका बायां पैर काटना पड़ा। बाद में करीब 10 लाख रुपये की लागत से कृत्रिम पैर लगवाया गया, जिसके लिए उन्हें क्राउड फंडिंग का सहारा लेना पड़ा।

हादसे के बाद जीवन काफी कठिन रहा, लेकिन नेहा ने हार नहीं मानी। वर्ष 2024 से उन्होंने धार्मिक यात्राओं का सिलसिला शुरू किया। उनका लक्ष्य देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना है। अब तक वह सात ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुकी हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने करीब 18 किलोमीटर लंबी अमरनाथ यात्रा भी पूरी की थी।

‘दो पैर थे तब जीना नहीं सीखा, अब जिंदगी जी रही हूं’

नेहा कहती हैं कि हादसे के बाद उन्हें लगा था कि एक पैर के सहारे जिंदगी कैसे चलेगी, लेकिन महादेव की भक्ति ने उन्हें नई दिशा दी। उनका कहना है कि जीवन में जो मिला है, उसका अफसोस करने के बजाय उसे पूरी तरह जीना चाहिए। यात्राओं के दौरान उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति होती है और रास्ते में मिलने वाले श्रद्धालु भी उनकी मदद करते हैं।

नेहा ने 12वीं तक पढ़ाई की है और प्री-प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए मोंटेसरी का कोर्स किया है। फिलहाल वह धार्मिक यात्राओं और यूट्यूब के माध्यम से अपने अनुभव साझा करने पर ध्यान दे रही हैं।

चाय की टपरी हटने के बाद शुरू हुआ यात्राओं का सफर

कृत्रिम पैर लगवाने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और पैसों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे तो नेहा ने चाय की टपरी शुरू की थी। हालांकि करीब 10 दिन बाद नगर निगम ने टपरी हटा दी। इसके बाद वर्ष 2024 से उन्होंने धार्मिक यात्राओं को ही अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया।

नेहा अकेले धार्मिक यात्राओं पर निकलती हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के दो श्रद्धालुओं ने करीब नौ दिन तक उनका साथ दिया था। उनका कहना है कि हर यात्रा उन्हें जीवन को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देती है।

केदारनाथ में 15.11 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे

केदारनाथ धाम में इस वर्ष अब तक 15 लाख 11 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। खराब मौसम और बीच-बीच में भूस्खलन के कारण पैदल मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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