आगरा में करणी सेना की रैली में भारी भीड़ उमड़ी है। करणी सेना के सदस्यों के साथ-साथ भाजपा के कई दिग्गज नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आगरा पहुंचे हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक लाख से ज्यादा की भीड़ इस रैली में पहुंची है। करणी सेना के सदस्यों के हाथ में तलवार लिए रैली में शामिल हुए हैं। रैली को लेकर आगरा में सुरक्षा के सख्त प्रबंध किए गए हैं। यह रैली सपा सांसद रामजीलाल सुमन की राणा सांगा पर की गई टिप्पणी के विरोध में बुलाई गई है।
केंद्रीय मंत्री बघेल पहुंचे
करणी सेना के 'रक्त स्वाभिमान सम्मेलन' पर भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह ने कहा कि सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। उन्होंने मुझे ज्ञापन दिया है। उनकी आगरा स्तर की मांगें कल तक पूरी कर दी जाएंगी और दिल्ली से जुड़ी मांगों को आगे भेज दिया जाएगा। वहीं केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा- "सपा सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा को लेकर राज्यसभा में दिए गए बयान से सभी राष्ट्रवादियों और देशभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं... जो समुदाय अपने पूर्वजों का सम्मान नहीं करता, वह तरक्की नहीं करता... लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए रामजी लाल सुमन को माफी मांगनी चाहिए..."
क्या कहा था रामजीलाल सुमन ने
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा था- "अगर मुसलमानों में बाबर का डीएनए है, तो हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा ने बाबर को भारत बुलाया था।"
सपा सांसद के बयान के बाद विवाद बढ़ा
उनकी टिप्पणी से राजपूत समुदाय में आक्रोश फैल गया और भाजपा नेताओं, करणी सेना और विभिन्न हिंदू संगठनों ने सुमन पर राजपूत गौरव और हिंदू भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में सुमन ने सफाई दी कि उनका बयान ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित था और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था, लेकिन विवाद बढ़ता ही गया। जवाब में गुस्साए करणी सेना के सदस्यों ने आगरा में सांसद के घर पर हमला कर दिया। सुमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन उत्तर प्रदेश से बाहर भी फैल गया है। उदयपुर में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और सांसद का पुतला जलाया। करणी सेना का कहना है कि सुमन की टिप्पणी राणा सांगा की विरासत का सीधा अपमान है, जिन्हें राजपूत वीरता और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जाता है।
