Mandi Masjid: शिमला के संजौली मस्जिद के बाद अब मंडी में भी मस्जिद के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। लोगों को मस्जिद तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए थे लेकिन शुक्रवार को लोगों ने इस बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने वाले प्रदर्शनकारियों को रोकने और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उन पर पानी की बौछार की। इस प्रदर्शन का आह्वान हिंदू संगठनों ने किया था। हालांकि, मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों ने कथित रूप से अवैध निर्माण को पहले ही तोड़ दिया था। शुक्रवार दोपहर मंडी के जेल रोड पर बड़ी संख्या प्रदर्शनकारी जुटे और कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मंडी में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने शहर के जेल रोड स्थित एक मस्जिद के अनधिकृत हिस्से को खुद ही ध्वस्त कर दिया। निर्माण उस जमीन पर किया गया था जो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग और नगर निगम, दोनों ने मस्जिद प्रबंधन को नोटिस दिया था। शिमला में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े शिमला व्यापार मंडल ने सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक बंद का आह्वान किया था।
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकाला और एक रैली आयोजित की।
बाहरी इलाकों की दुकानें भी बंद रहीं
व्यापारियों के संगठन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने दावा किया कि पूर्ण बंद शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल में 3,600 सदस्य हैं और शिमला शहर के बाहरी इलाकों की दुकानें भी बंद रहीं। बैरिकेड तोड़ने के बाद हिंदू समूहों के प्रदर्शनकारियों पर बुधवार को दो बार लाठीचार्ज किया गया और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया। इसमें छह पुलिसकर्मियों समेत दस लोग घायल हो गए थे। मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराने और राज्य में आने वाले बाहरी लोगों के पंजीकरण की मांग कर रहे हिंदू संगठनों ने बुधवार को संजौली बंद का आह्वान किया था।
मस्जिद की दीवार गिराई
मस्जिद समिति के सदस्य इकबाल अली ने कहा, ‘पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने हमें सूचित किया था कि मस्जिद की एक दीवार पीडब्ल्यूडी की भूमि पर है और हमें नोटिस दिया गया था। इसलिए हमने दीवार को गिराने का फैसला किया।’ हिंदू संगठनों की ओर से विरोध मार्च का आह्वान किए जाने के बाद पुलिस ने मंडी में भारी बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी। यह मस्जिद लोक निर्माण विभाग की जमीन पर बनी है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी और नगर निगम दोनों ने मस्जिद प्रबंधन को नोटिस भेजा था।
