Bihar News: बिहार में जहरीली शराब (Hooch Tragedy) से होने वाली मौतों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। सारण जिले के छपरा (Chhapara) के बाद अब छपरा जिले से नया मामला सामने आया जहां जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई है। मामला सीवान के भगवानपुर थाना क्षेत्र का है। मरने वालों में से एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार भी हो चुका है। वहीं छपरा में जहरीली शराब से अब तक 53 की मौत हो गई है।
53 लोगों की मौत पर सदन में 'संग्राम' !
शराब कांड का मुद्दा बिहार में गरमाता जा रहा है और विधानसभा में 'महाभारत' शुरू हो गया है। विधानसभा की कारवाई शुरू होते ही बीजेपी विधायक विधानसभा के वेल में पहुचे और प्ले कार्ड लेकर सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाजी की। विपक्ष ने CM नीतीश के इस्तीफे की मांग की और राजभवन तक मार्च कर राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की।
नीतीश का बयान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को हिदायत दी थी कि अगर लोग जहरीली शराब का सेवन करेंगे तो वे मौत को गले लगाएंगे। मुख्यमंत्री की तीखी टिप्पणी तब आई जब शराबबंदी की उनकी नीति पर राजनीतिक रणनीतिकार से कार्यकर्ता बने उनके पूर्व सहयोगी प्रशांत किशोर सहित कई लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और शराबबंदी कानून को खत्म करने की मांग की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बरसते हुए कहा कि शराबबंदी ‘मेरी व्यक्तिगत इच्छा नहीं बल्कि राज्य की महिलाओं के विलाप का जवाब है, और जो पिएगा वो मरेगा।’ नीतीश के इस बयान पर भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि देश में करोड़ों लोग शराब पीते हैं, क्या उन सभी को मर जाना चाहिए? सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में शराब का अवैध कारोबार एक "समानांतर अर्थव्यवस्था" बन गया है और आरोप लगाया कि राज्य में शराबबंदी लागू करने वालों की जेब में करोड़ों रुपये जा रहे हैं।
