Aero India Show 2025 : एक महाकुंभ प्रयागराज के सगम तट पर चल रहा है तो हथियारों का महाकुंभ बेंगलुरु में लगा है। यहां के येलहंका में भारतीय वायु सेना के स्टेशन में एयरोइंडिया शो चल रहा है। इस एयरशो में दुनिया भर की 150 नामचीन कंपनियां और 900 से अधिक प्रदर्शक इसमें शामिल हो रहे हैं। इस बार यह एयरशो इतना बड़ा हो गया है कि आयोजन स्थल का दायरा बढ़ाकर 42,000 वर्ग मीटर से अधिक कर दिया गया है। यह दिखाता है कि हथियारों की दुनिया में भारत की धमक बहुत तेजी के साथ बढ़ रही है। 10 से 14 फरवरी तक चलने वाले इस एयरशो में 90 से अधिक देश इसमें भाग ले रहे हैं।
दो साल के अंतराल पर लगने वाला यह एयरशो कई मायनों में अहम है। सबसे बड़ी बात यह है कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने अपने एक से बढ़कर एक उन्नत, घातक और नए हथियारों को प्रदर्शनी में दिखा रहा है। भारत के ये स्वदेशी हथियार यह बता रहे हैं कि रक्षा उत्पादन में भारत तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है। देश में हथियारों के उत्पादन का इको-सिस्टम काफी मजबूत हो चुका है। जटिल और गूढ़ समझी जाने वाली तकनीक में अब वह पीछे नहीं रहा। यही नहीं DRDO ने हथियारों के ऐसे शक्तिशाली प्रोटोटाइप भी प्रदर्शनी में लगाए हैं जिन्हें भविष्य की रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

Aero India Show 2025
वैसे तो इस एयरशो में DRDO की एक से बढ़कर एक नायाब और अनूठ हथियारों की झलक है, लेकिन इन सबमें अगर किसी एक हथियार की बात की जाए तो वह है फाइव प्वाइंट फाइव पीढ़ी का स्वदेशी फाइटर जेट। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीत से तैयार और स्टील्थ फीचर से लैस साढ़े पांचवी पीढ़ी का फाइट प्लेन कैसा होगा, DRDO ने इसकी झलक दुनिया को दिखा दी है। एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्रॉफ्ट यानी जिसे AMCA या अमका कहा जाता है, उसका मॉडल सामने आ चुका है। भारतीय पवेलियन में लगाया गया AMCA का मॉडल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाला हर कोई इसकी एक झलक पाना चाहता है। मॉडल तो सामने आ गए है अब प्रत्येक भारतीय की यही इच्छा है कि यह AMCA जल्द ही आसमान में दहाड़ मारकर भारत की इस महान उपलब्धि का जय घोष करे। इसके लिए DRDO तेजी से काम कर रहा है।

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यही नहीं AMCA के अलावा भारतीय पवेलियन में ऐसे 16 अन्य स्वदेसी हथियार और रक्षा उपकरण प्रदर्शनी में लगाए गए हैं जो DRDO की तकनीकी क्षमता, कौशल और हुनर को दर्शा रहे हैं। इनमें ट्विन इंजन डेक बेस्ड फाइटर TEDBF, LCA मार्क-2 मॉडल, एयर ड्रॉपबल कंटेनर 150, एडवांस्ड लाइटवेट टॉरपीडो, कावेरी डेरिवेटिव एयरो इंजन और तरह-तरह की आधुनिक और उन्नत मिसाइलें हैं। ये सभी हथियार भारत की सैन्य ताकत और क्षमता को बता रहे हैं। पवेलियन में रक्षा क्षेत्र में हुए नए-नए उन्नत और आधुनिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें एयरबोर्न सर्विलांस सोल्युशंस, नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल सिस्टम, अनमैंड एरियल सिस्टम, रडार स्केप-मैपिंग द इनविजिबल शामिल हैं। इस तरह के 330 से ज्यादा प्रोडक्ट भारतीय पवेलियन की शोभा बढ़ा रहे हैं। रक्षा उत्पादन के जो जटिल क्षेत्र है जैसे कि सर्विलांस टेक्नॉलजी, मिसाइल सिस्टम, इलेक्ट्रानिक वारफेयर और एरो प्रोपल्सन, इन सभी में अब भारत को महारत हासिल हो चुकी है।

rajnath singh
भारतीय रक्षा उत्पादों एवं तकनीकी योग्यता का जिक्र करते हुए रक्षी मंत्री राजनाथ सिंह ने विदेशी महेमानों से कहा कि मैं आपको उन्नत प्रणालियों के सह-विकास और सह-उत्पादन तथा नवाचार को बढ़ावा देने में हमारे साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा कूटनीति स्थायी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारा दृष्टिकोण हमारे साझेदार देशों की संप्रभुता के लिए पारस्परिक क्षमता निर्माण, समृद्धि और सुरक्षा पर जोर देता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हम लेन-देन वाले रिश्तों या समाधान थोपने में विश्वास नहीं करते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद, साइबर अपराध, मानवीय संकट और जलवायु जनित आपदाएं जैसी चुनौतियां सीमाओं से परे हैं और इनके लिए एकजुट प्रतिक्रिया की आवश्यकता है।
