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फडणवीस-शिंदे में देर रात हुई मुलाकात, आदित्य ठाकरे का दावा- CM को इस्तीफा देने को कहा गया

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 8, 2023, 10:52 AM IST

Maharashtra Political Crisis: आदित्य ठाकरे ने कहा, देर रात एकनाथ शिंदे से उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने आगे कहा, मैंने सुना है कि सरकार में जल्द ही कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सीएम शिदें को इस्तीफा देने को कहा गया है।

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एकनाथ शिंदे- देवेंद्र फडणवीस

Maharashtra Political Crisis: अजित पवार की बगावत के बाद से एनसीपी से लेकर महाराष्ट्र की सियासत में उथल-पुथल जारी है। एक तरफ अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की पार्टी पर दावा ठोक दिया है और चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर याचिका दायर की है। वहीं, दूसरी तरफ अजित पवार की एंट्री के बाद से एकनाथ शिंदे को सीएम पद से हटाए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।

इस बीच उद्धव ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि सीएम एकनाथ शिंदे को पद से इस्तीफा देने को कहा गया है। उन्होंने कहा, शुक्रवार देर रात देवेंद्र फडणवीस और सीएम एकनाथ शिंदे के बीच मुलाकात हुई और इसी दौरान उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया है। हालांकि, सीएम शिंदे ने जोर देकर कहा है कि अजित पवार के सरकार में शामिल होने से उनको कोई खतरा नहीं है।

शिंदे के आवास पर हुई बैठक

आदित्य ठाकरे ने कहा, देर रात एकनाथ शिंदे से उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस ने उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने आगे कहा, मैंने सुना है कि सरकार में जल्द ही कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सीएम शिदें को इस्तीफा देने को कहा गया है। बता दें, जब से अजित पवार डिप्टी सीएम बने हैं यह दावा किया जा रहा है कि शिंदे को हटाकर अजित पवार को सीएम बनाया जा सकता है। इसको लेकर संजय राउत की ओर से भी दावा किया गया था।

सर्वसम्मति से अजित पवार चुने गए अध्यक्ष- प्रफुल्ल पटेल

वहीं, एनसीपी पर वर्चस्व को लेकर छिड़ी जंग के बीच अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल ने दावा किया गया है कि अजित पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने दिल्ली में शरद पवार के नेतृत्व में आयोजित एनसीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को भी अनौपचारिक करार दे दिया। उन्होंने कहा, यह बैठक आधिकारिक नहीं थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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