राजधानी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में दिनदहाड़े हुए ट्रिपल मर्डर से खौफ छाया हुआ है। यहां एक युवक ने अपनी मां, बहन और नाबालिग भाई की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं आरोपी ने वारदात के बाद थाने पहुंचकर अपना जुर्म कबूल भी कर लिया। उसने बताया था कि वह आर्थिक तंगी से परेशान था, इसी के चलते यह कदम उठाया। वहीं, अब पुलिस ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी यशवीर सिंह ने हत्या करने से पहले तीनों को लड्डू खिलाए थे। जिनमें उसने धतूरे के बीज मिलाए थे।
23 साल का है मां-बहन और भाई का हत्यारा यशवीर
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान 23 वर्षीय यशवीर सिंह के रूप में हुई है, जो लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक का रहने वाला है। यशवीर ने सोमवार शाम करीब पांच बजे लक्ष्मी नगर थाने में आत्मसमर्पण किया और अपने परिवार के तीन सदस्यों की हत्या करने की बात स्वीकार की।
छह महीने से बेरोजगार था आरोपी, ले ली थी 1.5 करोड़ रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था और घर चलाना मुश्किल हो गया था। उसने बताया कि उसके पिता ट्रक चालक हैं और पिछले छह महीनों से परिवार के साथ नहीं रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पेशे से चालक था, लेकिन वह भी बीते छह महीनों से बेरोजगार था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर अपने नाम करीब 1.5 करोड़ रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी और आत्महत्या की कई असफल कोशिशें भी की थीं।
कैसे की हत्या? सिलसिलेवार तरीके से जानिए
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खुलासे के अनुसार, वह सोमवार सुबह यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन के पास एक मंदिर में गया था। जहां पास के एक पौधे से उसने धतूरे के बीज लिए और फिर उनको मिलाकर लड्डू बनाए। इसके बाद घर आकर उसने अपनी मां कविता (46), बहन मेघना (24) और भाई मुकुल (14) को कथित तौर पर लड्डू खिलाए। परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। इसके बाद आरोपी ने अपराह्न डेढ़ से दो बजे के बीच घर पर उनका गला घोंट दिया। इसके बाद यशवीर ने थाना पहुंचकर कथित तौर पर आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस ने यह भी बताया
पुलिस ने बताया कि अब तक बताई गई जानकारी आरोपी के कबूलनामे पर आधारित है और मामले की जांच जारी है। हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे व उसके पड़ोसियों से पूछताछ जारी है।प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और घटनाक्रम की पुष्टि करने व आरोपी के दावों की पुष्टि करने के लिए जांच दल गठित किए गए हैं। आरोपी पेशे से चालक था लेकिन पिछले छह महीनों से कोई काम नहीं कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है और फोरेंसिक टीम को घटनास्थल की जांच करने, सबूत इकट्ठा करने और मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए तैनात किया गया है। फोरेंसिक टीम धतूरे के इस्तेमाल, मौत के सही समय और बीमा पॉलिसी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस वारदात के पीछे कोई और साजिश या दबाव तो नहीं था।
