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केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ा सकती है ACB, अब तक नहीं दिया नोटिस का जवाब; जानें क्या है माजरा

AAP in Trouble: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें और बढ़ सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की नोटिस का केजरीवाल ने अब तक जवाब नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है। आप ने दावा किया था कि भाजपा ने विधायकों को 15 करोड़ रुपये रुपये देने की पेशकश किया था।

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केजरीवाल ने ACB की नोटिस का अब तक नहीं दिया जवाब।

Delhi Politics: दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा बीजेपी पर 16 उम्मीदवार को 15 करोड़ रुपए का ऑफर देने और मंत्री बनाने के मामले में जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दिए गए नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया है। आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि आखिर पूरा माजरा क्या है और केजरीवाल पर कार्रवाई की तलवार क्यों लटक रही है।

कानूनी कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस को लिखेगी एसीबी

ACB सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अगले कुछ दिन बाद अरविंद केजरीवाल, मुकेश अहलावत और संजय सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस को लिखेगी। सूत्रों के मुताबिक आप नेताओं के खिलाफ, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना, पैनिक क्रिएट करना समेत अन्य उचित धाराओं में कार्रवाई करने के लिए लिखेगी।

इस मामले में अरविंद केजरीवाल को एसीबी ने भेजा था नोटिस

आरोपों के बाद एसीबी ने भाजपा के खिलाफ लगाए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों पर अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा था। इससे पहले 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर शुक्रवार को एसीबी की टीम पहुंची थी। नोटिस के अनुसार, यह मामला गंभीर प्रकृति का माना जा रहा है, जिसके कारण एसीबी को सच्चाई का पता लगाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।

रिश्वत की पेशकश करने वाले 16 आप विधायकों का विवरण मांगा

पार्टी के संयोजक से भी अनुरोध किया गया कि वे स्वयं उपलब्ध हों और जानकारी प्रदान करें। मांगी गई जानकारी में कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश करने वाले 16 आप विधायकों का विवरण, इन विधायकों द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट की सामग्री और रिश्वत की पेशकश करने वाले व्यक्तियों की पहचान शामिल है। इसके अलावा, एसीबी ने केजरीवाल के उन दावों का समर्थन करने वाले अन्य सबूत मांगे हैं, जो उन्होंने और पार्टी के अन्य सदस्यों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए हैं। गुरुवार को केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आप के उम्मीदवारों को लुभाने की कोशिश कर रही है और उन्हें 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है। भाजपा ने आरोपों का जोरदार खंडन किया है।

हर विधायक को 15 करोड़ रुपये देने की पेशकश करने का दावा

केजरीवाल ने कहा था, 'कुछ एजेंसियां दिखा रही हैं कि 'गली गलोच पार्टी' (भाजपा का संदर्भ) को 55 से अधिक सीटें मिल रही हैं। पिछले दो घंटों में हमारे 16 उम्मीदवारों को फोन आए हैं कि अगर वे आप छोड़कर उनकी पार्टी में शामिल होते हैं तो वे उन्हें मंत्री बना देंगे और उनमें से प्रत्येक को 15 करोड़ रुपये देंगे। अगर उनकी पार्टी को 55 से अधिक सीटें मिल रही हैं तो उन्हें हमारे उम्मीदवारों को फोन करने की क्या जरूरत है? जाहिर है, ये फर्जी सर्वेक्षण केवल कुछ उम्मीदवारों को तोड़ने के लिए माहौल बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। लेकिन तुम गाली देने वालों, हमारा एक भी आदमी नहीं टूटेगा।'

इस बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के प्रधान सचिव ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को आम आदमी पार्टी के विधायकों को रिश्वत की पेशकश के आरोपों की एसीबी जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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