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'देश में ईंधन की कोई कमी नहीं, हालात पर है सरकार की करीबी नजर', वैश्विक ऊर्जा संकट पर बोले पीयूष गोयल

पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं पर चिंता जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उभर रहे हालात पर सरकार की करीबी नजर है। देश भर में ईंधन की उपलब्धता बिना किसी बाधा के हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल।

Photo : PTI

Piyush Goyal on fuel crisis: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोगों को भरोसा देते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बावजूद देश में ईंधन की किल्लत नहीं है। इस संघर्ष के बाद आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं पर चिंता जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उभर रहे हालात पर सरकार की करीबी नजर है। देश भर में ईंधन की उपलब्धता बिना किसी बाधा के हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

तिरुचिरापल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि अधिकारी सतर्क हैं और संबंधित विभाग घरेलू सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए इलाके में हो रहे बदलाव की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'फ्यूल की बिल्कुल भी कमी नहीं है। और डिटेल्स पर काम किया जा रहा है। एक गंभीर लड़ाई चल रही है... इस स्थिति में, चिंताएं होंगी जिनके बारे में संबंधित विभाग समय-समय पर सभी को बताएंगे... वे स्थिति पर बहुत करीब से नज़र रख रहे हैं।'

एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू किया

मंत्री का यह भरोसा तब आया है जब केंद्र सरकार ने मंगलवार को इस हफ्ते की शुरुआत में बढ़ते ग्लोबल सप्लाई दबाव के बीच घरेलू एनर्जी मार्केट को स्थिर करने के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट (EC एक्ट) लागू किया था। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक कंट्रोल ऑर्डर जारी किया जिसमें रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रोडक्शन ज़्यादा से ज़्यादा करने और देश भर में कुकिंग गैस की लगातार सप्लाई बनाए रखने के लिए मुख्य हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को LPG पूल में बदलने का निर्देश दिया गया।

100 परसेंट सप्लाई का भरोसा दिया

बदले हुए फ्रेमवर्क के तहत, घरेलू उपभोक्ताओं को नेचुरल गैस के वितरण में सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने घरों में पाइप्ड नैचुरल गैस और गाड़ियों के लिए कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (CNG) की 100 परसेंट सप्लाई का भरोसा दिया है। दूसरे सेक्टर्स को पिछले छह महीनों में उनके कंजम्पशन पैटर्न के आधार पर कैलिब्रेटेड सप्लाई मिलेगी।

उद्योगों के लिए तय की गई लिमिट

चाय प्रोसेसिंग यूनिट्स और गैस ग्रिड से जुड़े दूसरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स जैसी इंडस्ट्रीज को उनकी एवरेज सप्लाई का 80 परसेंट मिलेगा, जबकि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर्स के लिए भी 80 परसेंट की लिमिट तय की गई है। रीडिस्ट्रिब्यूशन प्लान के तहत फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनके पिछले छह महीने के एवरेज कंजम्पशन का 70 परसेंट दिया गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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