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Delhi: आतिशी बनीं दिल्ली की सीएम, मुख्यमंत्री के अलावा इन 5 मंत्रियों को LG ने दिलाई शपथ

Delhi CM Oath Ceremony: आप नेता आतिशी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इस मौके पर आतिशी के साथ कुल पांच मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत शामिल हैं। आप नेता सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत ने आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली।

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आतिशी ने ली दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ।

Atishi takes oath as CM: आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी ने शनिवार को दिल्ली के छठे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उपराज्यपाल वी.के.सक्सेना ने शाम 4.30 बजे राज निवास में आतिशी और उनके मंत्रिपरिषद को शपथ दिलाई। आप नेता आतिशी के माता-पिता तृप्ता वाही और विजय सिंह राज निवास में मौजूद रहे, जब आतिशी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली।

आप नेता गोपाल राय ने मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ली।

आप नेता कैलाश गहलोत ने सीएम आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली।

आप विधायक इमरान हुसैन ने मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली।

आप विधायक मुकेश अहलावत ने सीएम आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली।

चार मौजूदा मंत्री गोपाल राय, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज और इमरान हुसैन ने अपनी जगह बरकरार रखी, जबकि दलित विधायक मुकेश अहलावत कैबिनेट में नया चेहरा हैं। एक मंत्री पद अभी भी खाली रहेगा। फिलहाल विभागों का बंटवारा होने का इंतजार है। भाजपा की सुषमा स्वराज और कांग्रेस की शीला दीक्षित के बाद आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं।

जब आतिशी को चुना गया विधायक दल का नेता

केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी को विधायक दल का नेता चुना गया। इससे पहले कालकाजी सीट से विधायक आतिशी, दिल्ली सरकार में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। शराब नीति मामले के सीबीआई केस में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सशर्त जमानत मिले। जिसके मुताबिक उन्हें अपने कार्यालय या सचिवालय जाने की अनुमति नहीं होगी, इसके साथ ही उन फाइलों के अलावा वो किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर पाएंगे जिन्हें उपराज्यपाल की ओर से मंजूरी दी जानी है।

26-27 सितंबर को सरकार का बहुमत करेंगी साबित

इससे पहले, आतिशी मंगलवार शाम को केजरीवाल के साथ राज निवास में उपराज्यपाल से मिलने गई थी, जहां उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद उपराज्यपाल ने शपथ ग्रहण की तारीख 21 सितंबर प्रस्तावित की। आप नेता 26-27 सितंबर को बुलाए गए विशेष सत्र में 70 सदस्यीय विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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