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पंजाब के सीएम के खिलाफ निर्वाचन आयोग का एक्शन, तलाशी के लिए आवास पर दी दस्तक; भगवंत मान ने सुनाया दुखड़ा

EC Team Reaches Punjab CM's Residence: आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि चुनाव आयोग (ईसी) की टीम तलाशी के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित आवास पहुंची। पंजाब के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस, भाजपा के इशारे पर पंजाबियों को बदनाम करने की कोशिश कर रही।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंंत मान

Photo : Twitter

Election Commission's Action against Bhagwant Mann: आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की एक टीम तलाशी के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिल्ली स्थित कपूरथला हाउस आवास पर पहुंची है। आप ने एक बयान में कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की एक टीम परिसर की तलाशी लेने के लिए मान के कपूरथला हाउस में मौजूद है।

‘‘नकदी’’ बांटे जाने के बारे में मिली है एक शिकायत

यहां कॉपरनिकस मार्ग पर स्थित कपूरथला हाउस के बाहर एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि वहां से ‘‘नकदी’’ बांटे जाने के बारे में एक शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि टीम तलाशी करने के लिए अनुमति मिलने का इंतजार कर रही है। इस बीच, मान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली में खुलेआम पैसे बांट रही, लेकिन निर्वाचन आयोग को यह नहीं दिख रहा और अधिकारी मेरे कपूरथला हाउस आवास पर छापा मारने पहुंच गये।

सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'आज दिल्ली में मेरे मुख्यमंत्री निवास कपूरथला हाऊस में दिल्ली पुलिस ने रेड की। पूरे घर का चप्पा चप्पा तलाशा। मेरे परिवार की औरतों के कपड़े वाले संदूक तक की जांच की, किया मुझे बताएंगे कि किया मिला? दिल्ली पुलिस के ऑफिस से महज़ 500 मीटर की दूरी पर बीजेपी वालों के घर हैं, किया वह उनके घर रेड मारने की हिमंत दिखाएंगे? या केवल आम आदमी पार्टी और पंजाबियों के साथ ही ऐसा करने की इजाज़त मिली हुई है। यह सब भाजपा की हार की बोखलाहट है। इस तरह एक मुख्यमंत्री के आवास पर रेड करना बहुत ही निंदनीय है।'

AAP का आरोप- पंजाबियों को बदनाम करने की कोशिश

पंजाब के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस, भाजपा के इशारे पर पंजाबियों को बदनाम करने की कोशिश कर रही। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास पर ‘‘छापा’’ मारने के लिए (अधिकारियों की) एक टीम पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग खुलेआम पैसे, जूते, चप्पल और बेडशीट बांट रहे हैं लेकिन पुलिस को यह नहीं दिख रहा और जनता द्वारा चुने गए एक मुख्यमंत्री के आवास पर ‘‘छापा’’ मारने पहुंच गई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों और उड़न दस्ते की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के कर्मी साथ में हैं। पंजाब सरकार का स्टिकर और राज्य के पंजीकरण नंबर वाला एक निजी वाहन दिल्ली पुलिस द्वारा जब्त किये जाने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम हुआ है। पंजाब भवन के पास खड़ी गाड़ी से शराब, नकदी और आप की चुनाव प्रचार सामग्री बरामद होने के बाद दिल्ली पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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