RJD MP Manoj Kumar Jha : पाकिस्तान के साथ सीजफायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले लगातार बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता मनोज झा ने बड़ा बयान दिया है। राजद सांसद ने शनिवार को कहा कि यदि वह गलत नहीं हैं तो ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर 17वीं बार बयान दिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा बार-बार खंडन किए जाने के बाद भी वह रुक नहीं रहे हैं। अब ब्यूरोक्रेसी से काम नहीं चलेगा। अब ट्रंप को जवाब संसद से देना होगा। झा ने कहा कि रक्षा मंत्री संसद के सत्र से सामूहिक और एकजुट आवाज जानी चाहिए और इस बारे में उन्हें राजनाथ सिंह से उम्मीद है क्योंकि वह पुराने भाजपाई हैं जो विपक्ष को शत्रु नहीं मानते।
सीजफायर पर 17 बार बोल चुके हैं ट्रंप
राजद नेता ने कहा, 'हमारा जो 'ऑपरेशन सिंदूर' था वह नागरिक प्रतिष्ठानों पर नहीं था। यहां तक कि सैन्य प्रतिष्ठान तक नहीं था। पहलगाम में जिस तरह से हमारे लोगों की हत्या हुई, वह पाकिस्तान की तरफ से एक उकसावे की कार्रवाई थी। यह पीड़ा देश की सामूहिक पीड़ा में बदल गई। लेकिन बहुत सारे सवाल हैं। मैं तो अब गिनना छोड़ चुका हूं। डोनाल्ड ट्रंप ने 17वां बयान दिया है। उसका प्रतिकार विदेश मंत्रालय के ब्यूरोक्रेसी से अब नहीं होगा। संसद का सत्र बुलाइए। राजनाथ सिंह से अनुरोध है कि वह संसद का सत्र बुलाएं।'
मनोझ झा ने कहा-राजनाथ सिंह पुराने भाजपाई हैं
राजनाथ सिंह पुराने भाजपा वाले हैं, नए वाले नहीं हैं। नए भाजपाइयों का मिजाज अलग है। हम अब भी मानते हैं कि वपक्ष को लेकर आप में शत्रुता की भावना नहीं है। संसद बैठे और प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अमेरिकी राष्ट्रपति को संदेश जाए। सुना है कि हमारा पड़ोसी आधिकारिक रूप से नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का नाम आगे बढ़ा रहा है। तो किम जॉन्ग उन में क्या बुराई है। नेतन्याहू तो शांति के सबसे बड़े झंडाबरदार हैं। उनको भी नोबेल मिलना चाहिए। इस संदर्भ में संसद बैठे और एक स्वर में यहां से सामूहिक आवाज जाए वह जरूरी है। इसके लिए राजनाथ सिंह जी क्या कर सकते हैं, यह हमें देखना है।'
‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में भारत की धरती पर कोई भी आतंकवादी हमला होता है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के जवानों के साथ योग किया। बाद में अपने संबोधन में राजनाथ ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत को ‘हजार घाव’देने की उसकी नीति कभी सफल नहीं होगी। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी इस योग सत्र में भाग लिया।
दो दिवसीय दौरे पर उधमपुर पहुंचे हैं राजनाथ
सिंह शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर उधमपुर पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह जम्मू-कश्मीर की उनकी दूसरी यात्रा थी। उन्होंने 15 मई को कश्मीर का दौरा किया था, जिसके कुछ दिन पहले भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमति जताई थी। रक्षा मंत्री ने कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है... इस ऑपरेशन के जरिए हमने पाकिस्तान को बता दिया कि भारत में आतंकवाद जारी रखने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब बद से बदतर होगा।’उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की ‘एयर स्ट्राइक’ (सीमा पार) का ही विस्तारित रूप है। हमने पाकिस्तान को बता दिया है कि भारत को ‘‘हजार घाव देने’’ की उसकी नीति कभी सफल नहीं होगी।'
'हम आसानी से अन्य ठिकानों को नष्ट कर सकते थे'
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘भारत की धरती पर कोई भी आतंकी हमला पाकिस्तान के लिए विनाशकारी साबित होगा। भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए तैयार है।’उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमा पार आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘हम आसानी से अन्य ठिकानों को नष्ट कर सकते थे लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने संयम दिखाया।'उन्होंने इसका श्रेय योग को दिया जो क्रोध पर काबू पाने में मदद करता है, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और शक्ति को नियंत्रित करता है।
यह महज एक आतंकवादी घटना नहीं थी-राजनाथ सिंह
सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले की योजना सीमा पार बनाई गई थी और यह महज एक आतंकवादी घटना नहीं थी बल्कि इसका उद्देश्य भारत की सामाजिक और सांप्रदायिक एकता को बिगाड़ना था। उन्होंने कहा, ‘हमने न केवल उनकी योजनाओं को विफल किया बल्कि जवाबी कार्रवाई भी की जिससे पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े और उसके बाद ही हमने ऑपरेशन सिंदूर रोका।’ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सशस्त्र बलों ने छह और सात मई की मध्य रात्रि में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचों पर हमला किया था। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
