देश

80वां स्वतंत्रता दिवस: 'दिमागी नक्सलियों' से लेकर 2047 के 'विकसित भारत' तक, PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

PM Narendra Modi Indian 80th Independence Day Speech Highlights: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा रखा और भविष्य के भारत का सशक्त रोडमैप पेश किया।

Image

लाल किले की प्राचीर से PM मोदी का संबोधन

PM Modi Independence Day Speech Highlights: 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल देश की पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा का लेखा-जोखा पेश किया, बल्कि भविष्य के भारत के लिए एक सशक्त 'रोडमैप' भी सामने रखा। लगातार 13वीं बार देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जहां एक तरफ 'फ्रेजाइल फाइव' से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने के सफर और सेमीकंडक्टर क्रांति का जिक्र किया, वहीं दूसरी तरफ देश के सामने मंडरा रहे नए दौर के आंतरिक व बाहरी खतरों पर सख्त चेतावनी भी दी। 'हथियारबंद नक्सलवाद' के खात्मे से लेकर समाज में विष घोलने की फिराक में बैठे 'दिमागी नक्सलियों' की पहचान करने तक-पीएम मोदी के भाषण के 10 ऐसे मुख्य संदेश, जो हर भारतीय के लिए जानना बेहद जरूरी हैं।

1. दिमागी नक्सली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवाद को समाज के लिए बड़ा अभिशाप बताया। उन्होंने कहा कि चार दशकों तक नक्सलवाद ने देश के बड़े हिस्से को जकड़कर रखा, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य तबाह हुआ और 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। यद्यपि जंगलों में 'हथियारी नक्सल' के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास का तिरंगा लहरा रहा है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' का खतरा बना हुआ है। ये तत्व समाज में हिंसा और अराजकता फैलाने के नए मौके तलाश रहे हैं, जिन्हें पहचानकर अलग-थलग करना और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

2. भारत का आर्थिक का विकास

देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में एक अभूतपूर्व आर्थिक बदलाव देखा है। कभी दुनिया की कमजोर और डगमगाती 'फ्रेजाइल फाइव' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाने वाला भारत आज महज 12 वर्षों के भीतर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर चुका है। यह बदलाव देशवासियों के सामूहिक प्रयास और सरकार की ठोस नीतियों का परिणाम है, जिसने वैश्विक मंच पर भारत की साख को मजबूत किया है।

3. डिजिटल क्षेत्र में क्रांति

पिछले एक दशक में हुए बुनियादी और तकनीकी विकास का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के विनिर्माण और डिजिटल क्षेत्र में क्रांति आई है। रक्षा उत्पादन में चार गुना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना तक बढ़ चुका है। इसके अलावा, इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या चार गुना होने के साथ-साथ देश में डिजिटल लेनदेन में 100 गुना की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जो भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है।

4. महिला आरक्षण

महिला सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं में उनकी भागीदारी पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लंबे समय से राजनीति का शिकार रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि माओ-बहनों को उनका अधिकार मिले। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व देश के नीति निर्माण को अधिक समावेशी बनाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

5. वैश्विक भू-राजनीतिक

वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और संसाधनों की खींचतान पर चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ देशों द्वारा ऊर्जा, ईंधन, दवाओं और रणनीतिक समुद्री मार्गों का हथियारीकरण भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख मार्गों पर पैदा हुए व्यवधानों का हवाला देते हुए उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दिया। भारत ने अपने हाइड्रोकार्बन संसाधनों का दोहन करने के लिए 99 प्रतिशत अवसादी बेसिनों को खोल दिया है और 84,084 करोड़ रुपये की 'समुद्र मंथन राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना' शुरू की है। साथ ही, रसोई गैस का दायरा 700 शहरों तक पहुंचाया गया है और सौर ऊर्जा उत्पादन 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगावाट हो चुका है।

5. एक पूर्ण विकसित राष्ट्र

वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ को इस लक्ष्य की मुख्य ताकत बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में समाज के हर वर्ग—दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, ग्रामीण और शहरी—के साझा प्रयास से 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। भारत अब दूसरों पर निर्भर रहकर जीने के बजाय आत्मनिर्भरता के दृढ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा स्वयं करने में सक्षम है।

6. सेमीकंडक्टर निर्माण

आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग में सेमीकंडक्टर निर्माण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आजादी के बाद लंबे समय तक देश में सेमीकंडक्टर का कोई संयंत्र नहीं था, लेकिन आज भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट चालू हो चुके हैं और यहां बनी चिप्स का निर्यात भी शुरू हो गया है। आने वाले सात-आठ वर्षों में आठ नए सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जो भारत को डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाएंगे।

7. परमाणु ऊर्जा

ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि देश ने परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं। तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने सफलता की कुंजी 'क्रिटिकलिटी' हासिल कर ली है। सरकार ने संसद में 'शांति' अधिनियम पारित कर 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत पांच नए परमाणु रिएक्टरों की स्थापना की जा रही है।

8. वंदे मातरम' की गूंज

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के बजाय बड़े और ऊंचे संकल्पों के साथ आगे बढ़ना होगा क्योंकि बड़े विचार ही सामर्थ्य का विस्तार करते हैं। स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और सभी महान क्रांतिकारियों को नमन किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर पर 'वंदे मातरम' की गूंज सुनाई दे रही है, जिसके 150 वर्ष पूरे होने का यह एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है।

9. इनोवेशन फंड

देश की तेज़ विकास यात्रा के असली साधक और सबसे बड़े लाभार्थी भारत के युवा हैं। इसी युवा शक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'स्टार्टअप इंडिया' के ज़रिए 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड प्लेटफ़ॉर्म्स तैयार किए गए हैं, जिन्होंने युवाओं को रोज़गार प्रदाता बनाया है। इस नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के विशेष 'इनोवेशन फंड' की ऐतिहासिक घोषणा की है, जिससे 'विकसित भारत' का सपना साकार होगा।

10. प्राकृतिक आपदाएं

अपने संबोधन के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने देश के सामने आने वाली प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से प्रभावित हुए परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है और सरकार उन्हें हर संभव सहायता और राहत पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article