Republic Day 2026: देश आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य समारोह के बीच नेताओं के संदेशों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और भविष्य के भारत की झलक दिखाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: विकसित भारत 2047 का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह दिन भारत की स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को और मजबूत करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस देश को एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
योगी-ममता ने संवैधानिक आदर्शों से प्रेरित होने की बात कही
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संविधान के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति नई प्रतिबद्धता की बात कही। उन्होंने विविधता और समावेशिता को देश की ताकत बताते हुए गणतंत्र की रक्षा के लिए सामूहिक सतर्कता पर जोर दिया।
राहुल ने संविधान को बताया सबसे बड़ा हथियार
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए संविधान के सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र के लक्ष्यों पर आत्ममंथन की जरूरत बताई। उन्होंने पार्टी संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी दोहराई।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने संदेश में संविधान को हर भारतीय की आवाज और अधिकारों का सुरक्षा कवच बताया। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा ही भारतीय गणतंत्र की रक्षा है और यही स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि है।
उपराष्ट्रपति ने भी दी शुभकामनाएं
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के शाश्वत आदर्शों पर स्थापित एक जीवंत गणराज्य के रूप में जश्न मनाने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी न केवल संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता को याद करने का दिन है, बल्कि इसमें निहित लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने में नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की पुष्टि भी है।
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह
भारत आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन हो रहा है। गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय एकता की एक शक्तिशाली प्रतीक है, जो भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय एकता और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करती है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं। गौरतलब है कि ठीक 76 वर्ष पहले आज ही के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसी उपलक्ष्य में कर्तव्य पथ पर मुख्य समारोह में सुबह 10:30 बजे से करीब 90 मिनट तक चलने वाली परेड की शुरूआत हुई। परेड की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
