Rahul Gandhi Foreign Trips: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेशी दौरे को लेकर कई खुलासे व दावे किए हैं। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल के विदेशी दौरे को लेकर कई आंकड़े सामने रखे। पात्रा ने कहा, राहुल गांधी लगभग 22 वर्षों से इलेक्टेड ऑफिस में है। 22 वर्षों में वह कितनी बार विदेश गए। तो अभी तक जो घोषित है और पब्लिक डोमेन में आया है, उस सब को मिलाकर 54 फॉरेन ट्रिप्स बनते हैं।
22 साल में 54 विदेश यात्राएं
संबित पात्रा ने कहा, 22 वर्षों में सार्वजनिक जीवन में रहते हुए 54 बार राहुल गांधी जी विदेश यात्रा पर गए, जिसमें कौन-कौन से देश हैं? इटली है, यूनाइटेड किंगडम है, यूनाइटेड स्टेट्स है, जर्मनी है, वियतनाम है, कंबोडिया है, सिंगापुर है, बहरीन है, मालदीव्स है, कतर है, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स है। 3 मई 2026 को एक्स और सोशल मीडिया के पोस्ट पर जो फुटेज सर्कुलेट हुआ जो अघोषित यात्रा रही उसमें मस्कट और ओमान भी है। तो आज इन सब विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी और हम यहां बहुत बड़े खुलासे करेंगे।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, दल-बदलू राहुल गांधी लगभग 22 वर्षों से निर्वाचित पद पर हैं। इन वर्षों में उन्होंने कई बार विदेश यात्राएं की हैं। आधिकारिक तौर पर घोषित विदेश यात्राओं की संख्या 54 है... ये यात्राएं सार्वजनिक हैं, लेकिन इनका खर्च सार्वजनिक नहीं है... उनकी प्रत्येक विदेश यात्रा में लगभग 3-4 लोग उनके साथ गए हैं। उनकी विदेश यात्राओं का कुल खर्च 60 करोड़ रुपये रहा है... हमारे पास 2013-14 से 2022-23 तक राहुल गांधी की आय का विवरण है। 10 वर्षों में राहुल गांधी की आय 11 करोड़ रुपये थी। 11 करोड़ रुपये की आय के साथ राहुल गांधी ने 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
BJP के सवाल
- राहुल ने आमदनी से अधिक खर्च किया
- राहुल की विदेश यात्रा की फंडिंग किसने की
- बिना सुरक्षा कई बार विदेश गए
- 54 विदेश यात्राओं पर 64 करोड़ खर्च
- सभी 54 निजी यात्राएं निजी थीं
- राहुल के कुछ दौरे ऑन रिकॉर्ड नहीं
- मस्कट यात्रा पर 50 लाख खर्च हुए हैं
- बर्लिन-लंदन यात्रा पर 1.4 करोड़ खर्च हुए
- लैटिन अमेरिका दौरे पर 5.5 करोड़ खर्च
- राहुल की 10 साल में 11 करोड़ कमाई
- राहुल के साथ कई लोग विदेश जाते हैं
- विदेश दौरे की वजह से संसद नहीं आए
- राहुल के 20 ट्रिप पर 39 करोड़ रुपये खर्च
- राहुल एसपीजी को चकमा देकर विदेश गए
- राहुल बिजनेस क्लास में सफर करते हैं
- राहुल छिपकर मस्कट गए
- 2019 में मेडिटेशन ट्रिप पर बैंकॉक गए
- इस पर 40 लाख रुपये का खर्च आया
- 2004 से 2026 तक विदेश यात्राओं पर 60 करोड़ खर्च
- मनमोहन की मृत्यु पर शोक के समय इटली गए
- उज्बेकिस्तान मिस्ट्री ट्रिप पर 85 लाख खर्च
क्या ये विदेशी फंडिंग?
पात्रा ने कहा, सवाल यह उठता है कि जब वे विदेश यात्रा करते हैं, तो क्या इसका खर्च भारत सरकार उठाती है या कोई विदेशी एजेंसी? अगर विदेशी फंडिंग है, तो एफसीआरए के प्रावधान लागू होते हैं। अगर यह व्यक्तिगत फंडिंग है, तो इसे आयकर कानूनों के तहत घोषित करना होगा। पात्रा ी यह टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की सात अपीलों की आलोचना के बाद आई है, जिसमें प्रधानमंत्री ने सिकंदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए नागरिकों से घर से काम करने को प्राथमिकता देने, ईंधन की खपत कम करने, एक साल तक विदेश यात्रा से बचने, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, खाना पकाने के तेल की खपत कम करने, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने और सोने की खरीद पर रोक लगाने का आग्रह किया था ताकि देश अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण उत्पन्न वैश्विक आर्थिक दबावों से निपटने में सक्षम हो सके।
