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साल में शुक्रवार की 52 नमाज, लेकिन होली सिर्फ एक; असहजता हो तो घर के अंदर रहें: संभल सीओ

संभल सर्कल अधिकारी (CO) अनुज कुमार चौधरी ने गुरुवार को कहा कि जो लोग रंगों से असहज हैं, उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए क्योंकि हिंदू त्योहार साल में एक बार आता है।

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52 शुक्रवार की नमाज, लेकिन होली सिर्फ एक- संभल सीओ

Photo : ANI

14 मार्च को आने वाली होली के ही रमज़ान के महीने की शुक्रवार की नमाज़ मेल खा रही है ऐसे में संभल सर्कल अधिकारी (CO) अनुज कुमार चौधरी ने गुरुवार को कहा कि जो लोग रंगों से असहज हैं, उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए क्योंकि हिंदू त्योहार साल में एक बार आता है। शुक्रवार को आने वाले होली त्योहार के मद्देनजर गुरुवार को संभल कोतवाली पुलिस स्टेशन में शांति समिति की बैठक हुई।

होली साल में एक बार आती है- संभल सीओ

संभल सर्कल ऑफिसर (सीओ) चौधरी ने कहा कि चूंकि होली साल में एक बार आती है और साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोगों से अनुरोध किया गया है कि अगर वे रंग लगाना बर्दाश्त नहीं कर सकते तो वे घर के अंदर रहें। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि हमने मुस्लिम समुदाय से अनुरोध किया है कि अगर उन्हें रंग लगना पसंद नहीं है तो वे होली के मौके पर न आएं। साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, लेकिन होली सिर्फ एक दिन होती है। हिंदू पूरे साल होली का इंतजार करते हैं, जैसे मुसलमान ईद का इंतजार करते हैं... हमने सीधा संदेश दिया है कि जब लोग होली खेलें और अगर वे (मुस्लिम) नहीं चाहते कि उन पर रंग पड़ें तो उन्हें घर पर ही रहना चाहिए। और अगर वे घर से बाहर जाना चाहते हैं तो उन्हें इतना बड़ा दिल रखना चाहिए कि अगर उन पर रंग पड़ जाए तो वे आपत्ति न करें।

सीओ ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम दोनों ही अपने-अपने तरीके से त्योहार मनाएंगे। सीओ ने आगे कहा कि हमने सभी समुदायों के लोगों के साथ बैठक की... यह सौहार्द का त्योहार है। हिंदू और मुस्लिम दोनों ही अपने-अपने तरीके से इसे मनाएंगे। इससे पहले, 27 फरवरी को, अधिकारियों के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रमजान से पहले मस्जिद की रंगाई-पुताई की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति को निर्देश दिए जाने के बाद संभल के शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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