Samvidhan Hatya Diwas: भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज आपातकाल की 50वीं बरसी पर संविधान हत्या दिवस मनाएगी। जानकारी के अनुसार, इसमें हर जिले में कार्यक्रम होंगे और सेनानियों का सम्मान होगा। इन आयोजनों में केंद्र व राज्य के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, सांसद व विधायक शामिल होंगे। 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाया गया था। इसकी घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी। जिसका काफी विरोध हुआ था। आपातकाल को लेकर भाजपा देशव्यापी कार्यक्रम करने जा रही है। पार्टी देशभर में इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाएगी।
भारत लोकतंत्र की जननी है: अमित शाह
इससे पहले भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 1975 में आपातकाल लगाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की थी और कहा था कि हमने आपातकाल जैसे काले अध्याय पर काबू पा लिया क्योंकि हमारा देश कभी तानाशाही के आगे नहीं झुकता। प्रधानमंत्री संग्रहालय में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था क्योंकि उन्हें अपनी सत्ता पर खतरा नजर आ रहा था और उस समय कोई बाहरी खतरा या आंतरिक अशांति नहीं थी।

Samvidhan Hatya Diwas
शाह ने कहा था कि आज आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या है यह सवाल उठ सकता है कि 50 साल पहले हुई किसी घटना पर अब चर्चा क्यों हो रही है... जब किसी राष्ट्रीय घटना के 50 साल पूरे होते हैं, चाहे वह अच्छी हो या बुरी, समाज में उसकी स्मृति धुंधली हो जाती है। अगर लोकतंत्र को हिला देने वाली आपातकाल जैसी घटना की स्मृति धुंधली हो जाती है, तो यह राष्ट्र के लिए हानिकारक है।

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शाह ने कहा था कि आज हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और आपातकाल जैसे काले अध्याय से हम इसलिए उबर पाए क्योंकि हमारा देश कभी तानाशाही के आगे नहीं झुका। दुनिया ने इस धरती पर लोकतंत्र के जन्म को देखा है। भारत लोकतंत्र की जननी है।
