देश

पश्चिम बंगाल में 50000 नौकरियां बेची गईं, सुवेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 4, 2022, 08:05 PM IST

कोलकाता में एसएलएसटी उम्मीदवारों के नौकरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें बीजेपी और पश्चिम बंगाल के प्रतिपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार निशाना साधते हुए कहा कि 50,000 नौकरियां बेची गईं।

Image

पश्चिम बंगाल के प्रतिपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी

Photo : ANI

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सरकार के खिलाफ एसएलएसटी उम्मीदवारों के विरोध में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हम यहां शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए आए हैं, जिसकी अनुमति राज्य सरकार ने नहीं बल्कि अदालत ने दी थी। उन्होंने लिखित परीक्षा पास की है और उचित मांग कर रहे हैं। उनकी नौकरी अन्य लोगों को बेची गई थी।

उन्होंने कहा कि 50,000 नौकरियां बेची गईं और बाकी मंत्रियों, विधायकों और पार्टी अन्य कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों को दी गईं। जब सीबीआई ने जांच शुरू की, तो घोटाले को छिपाने के लिए टीएमसी सरकार ने 13 लाख OMR दस्तावेजों को नष्ट कर दिया। यह बहुत बड़ा अपराध है, इसमें शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

दूसरी ओर हाल ही में सुवेंदु अधिकारी को झटका देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस को उनके सारदा चिटफंड घोटाले के खिलाफ जांच करने की अनुमति दे दी। सुवेंदु अधिकारी पर करोड़ों रुपए के घोटाले में लाभार्थी होने का आरोप लगाया गया है।

सारदा समूह के संस्थापक और अध्यक्ष, सुदीप्त सेन ने CBI को एक पत्र भेजा था जिसमें अधिकारी पर घोटाले में लाभार्थी होने का आरोप लगाया गया था। उस पत्र के आधार पर पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी पुलिस थाने ने अधिकारी को नोटिस भेजा था।

नोटिस को चुनौती देने के लिए अधिकारी ने मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर की। अपनी याचिका में उन्होंने तर्क दिया कि राज्य पुलिस समानांतर जांच नहीं चला सकती क्योंकि सीबीआई पहले से ही मामले की जांच कर रही है।

बीजेपी ने ममता बनर्जी पर सुवेंदु अधिकारी को झूठा फंसाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर सारदा चिटफंड घोटाले की आरोपी देबजानी मुखर्जी की मां सरबानी मुखर्जी द्वारा लिखे गए एक पत्र की एक प्रति शेयर करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को धमकी दी गई थी कि अगर वह अधिकारी का नाम नहीं लेती है, तो मामले दर्ज किए जाएंगे। उसके खिलाफ दायर किया।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article