उद्धव ठाकरे ग्रुप को दशहरे की रैली से पहले बड़ा झटका लगा है। बेटे आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र के लगभग 3000 शिवसैनिकों ने उद्धव गुट का साथ छोड़ दिया है।
उद्धव का साथ छोड़कर इन लोगों ने एकनाथ शिंदे का गुट ज्वाइन कर लिया है। इस बगावत को शिवसेना की दशहरे की रैली के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी में टूट के बाद उद्धव यहां पर अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाने की तैयारी कर रहे हैं।
आदित्य ठाकरे वर्ली से विधायक हैं। जहां के कार्यकर्ता उन्हें छोड़कर बागी गुट एकनाथ शिंदे के पास चले गए हैं। शिंदे की बगावत के बाद से आदित्य ठाकरे लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और शिंदे गुट को गद्दार साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में उन्हीं के क्षेत्र से कार्यकर्ताओं का शिंदे गुट में जाना, ठाकरे परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इन कार्यकर्ताओं के अलावा उद्धव ठाकरे के खास माने जाने वाले मिलिंद नार्वेकर को लेकर भी अटकलें हैं कि वो भी उनका साथ छोड़कर शिंदे गुट के पास जा सकते हैं। हालांकि इसे लेकर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि शिंदे खेमे के मंत्री इसका दावा कर चुके हैं।
बता दें कि उद्धव ठाकरे से बगावत करके एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को तोड़ दिया था। जिसके बाद वो बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना चुके हैं। आधे से ज्यादा शिवसेना के विधायक से लेकर नेता तक इस समय शिंदे गुट के साथ हैं। वहीं उद्धव ठाकरे उन्हें गद्दार बताते हुए चुनावी मैदान में आने की चुनौती दे रहे हैं।
