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World sleep Day: कम सोते हैं तो हो जाएं सावधान, AIIMS की स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

  • Authored by: भावना किशोर
  • Updated Mar 17, 2023, 01:55 PM IST

World sleep Day 2023: अगर आपको नींद ना आने की समस्या और इस वजह से आप कम सो पाते हैं तो सावधान हो जाएं। AIIMS की स्टडी में ऐसे खुलासे हुए हैं जो आपको हैरान कर देंगे।

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World sleep Day: कम सोते हैं तो हो जाएं सावधान, AIIMS की स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

World sleep Day 2023: दिल्ली का एम्स अस्पताल आए दिन बड़े रिसर्च और स्टडीज करता रहता है। एम्स के एक सर्वे में पता चला है की अगर आप कम समय के लिए सोते हैं तो आपको दिल की बीमारी हो सकती है यानी कि हार्ट अटैक का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। आजकल लोग जायदा काम, ट्रैवलिंग, लेट नाइट पार्टीज, घंटो मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करते है और 3 से 4 घंटे की नींद को खुद के लिए प्रयाप्त मानते है, लेकिन अब आप सावधान हो जाएं नहीं तो आप को दिल का दौरा पड़ सकता है या दिल से जुड़ी कोई और बीमारी हो सकती है।

कई लोगोंं को नींद नहीं आने की भी समस्या होती है। बहुत लोगों को ज्यादा स्ट्रेस की शिकायत के वजह से भी बहुत कम नींद आती है जिसके बाद लोग दवाइयां, नींद की गोलियां भी ले लेते हैं। लिहाजा अगर किसी को भी नींद ना आने की समस्या हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करे और बिना उनके सलाह के किसी भी तरह की दवाइयां ना लें। दिल्ली Aiims के "डॉक्टर भारत कृष्णा जो की सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव मेडिसिन और रिसर्च डिपार्टमेंट में है उन्होंने बताया की एक सर्वे में पाया गया है कि नींद अगर लोगों को सही तरीके से नहीं आती है तो उन्हें हार्ट अटैक जैसी समस्या हो सकती है इसीलिए 7 से 8 घंटे की नींद एक व्यक्ति के लिए पर्याप्त मानी जाती है।

50% लोग नींद की समस्या से जूझ रहें है

आज वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जा रहा है। दुनियां भर में स्लीप डे पर आज की थीम वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी ने “स्लीप इज एसेंशियल फॉर हेल्थ रखी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक सर्वे में पाया गया है कि लगभग 50% लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें नींद नहीं आती है। जिसके वजह से कई सारी परेशानियां कई सारी बीमारियां उन्हें हो रही है और अब एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि जो लोग केवल 5 घंटे से कम की नींद लेते हैं उन्हें हार्ट अटैक जैसी समस्या हो सकती है। दुनिया के कई देशों के लोग इस नींद न आने की बीमारी से जूझ रहें हैं। भारत में भी यह समस्या दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। एम्स के डॉक्टर भारत ने बताया कि जो लोग रात में 5 घंटे सोते हैं उन्हें हार्ट अटैक होने के 56% चांसेज होते है, उनकी तुलना में जो लोग 7 घंटे तक की नींद लेते है।

कितनी नींद अलग अलग उम्र के लोगों के लिए है पर्याप्त ?

डॉक्टर्स का कहना है छोटा नवजात बच्चा 16 घंटे के नींद लेता है। जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाए तो वो 10 से 12 घंटे, वयस्कों को 7 से 8 घंटे और बुजर्गों को 6-7 घंटे की नींद उनके लिए प्रयाप्त मानी जाती है।

AIIMS की रिसर्च में अच्छी नींद के टिप्स का पता चला

बचपन में दादी नानी के नुस्खे भी लोगों ने बहुत सुने होंगे कि ठंड के दिनों में गुड़ और दूध हल्दी साथ में लेने से अच्छी नींद आती है , शरीर स्वस्थ्य भी रहता है और ठंड भी नही लगती है। AIIMS के "कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉ गौतम शर्मा" जो की सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव मेडिसिन और रिसर्च के इंचार्ज है और इनके अंडर में एक रिसर्च की गई है जिसमें पाया गया है कि आयुर्वेदिक चीजों के इस्तेमाल से नींद ना आने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

एम्स में लंबे समय से रिसर्च चल रहा था जिनको नींद की समस्या है इस रिसर्च में पाया गया है कि अगर आयुर्वेदिक तरीके से जैसे शिरोधारा गुनगुने पानी से मुंह हाथ धोना, पैरों की तेल से मालिश उससे काफी ज्यादा आराम लोगों को मिलता है और अच्छी नींद आने की संभावना भी बढ़ जाती है। अगर सर पर अश्वगंधा के तेल की मालिश भी की जाए तो उससे भी काफी ज्यादा आराम मिलता है बॉडी रिलैक्स होती है और नींद भी अच्छी आती है।

रिसर्च में बताया गया है कि खानपान जैसे अश्वगंधा ब्राह्मी भैंस का दूध गुण अंगूर यह सब भी नींद आने में मदद करते हैं। एम्स की रिसर्च में पाया गया है कि आयुर्वेदिक तरीके से भी नींद ना आने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

भावना किशोर
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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