World No Tobacco Day: तंबाकू छोड़ना आसान नहीं होता। जो लोग सालों से गुटखा, खैनी, जर्दा, बीड़ी या सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसे छोड़ने के बाद कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार बिना वजह गुस्सा आने लगता है, मन बेचैन रहता है और बार-बार तंबाकू खाने या सिगरेट पीने का मन करता है। ऐसे में बहुत से लोग सोचते हैं कि शायद उनसे तंबाकू छोड़ने की गलती हो गई। लेकिन सच यह है कि यह शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया है। आपका शरीर पुरानी आदत से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा होता है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी समझदारी और कुछ आसान उपायों की मदद से इस मुश्किल दौर को पार किया जा सकता है। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day 2026) पर जानें ऐसे ही कुछ आसान टिप्स..
तंबाकू छोड़ने के बाद बेचैनी क्यों होती है
जब कोई व्यक्ति रोज तंबाकू का सेवन करता है तो शरीर उसकी आदत बना लेता है। अचानक तंबाकू बंद होने पर शरीर और दिमाग दोनों उस आदत को मिस करने लगते हैं। यही वजह है कि मन घबराया-घबराया सा लग सकता है, किसी काम में ध्यान नहीं लगता और बेचैनी महसूस होने लगती है। यह परेशानी आमतौर पर शुरुआत के कुछ दिनों में ज्यादा होती है।
बार-बार गुस्सा आ रहा है तो क्या करें
तंबाकू छोड़ने के बाद चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना काफी आम बात है। ऐसे समय में तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय कुछ देर शांत बैठें। गहरी सांस लें, थोड़ा टहल लें या किसी अपने से बात कर लें। कई बार सिर्फ माहौल बदलने से भी मन हल्का हो जाता है। अच्छी नींद लेना भी गुस्से को कम करने में मदद करता है।
तलब उठे तो खुद को किसी काम में लगाएं
तंबाकू छोड़ने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी तलब होती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह तलब हमेशा नहीं रहती। जब भी मन करे कि तंबाकू खा लें या सिगरेट पी लें, उस समय पानी पी लें, कोई फल खा लें या कुछ मिनट के लिए बाहर टहल आएं। अक्सर कुछ ही देर में यह इच्छा अपने आप कम हो जाती है।
थोड़ा चलना-फिरना भी करेगा मदद
अगर आप बेचैनी और तलब से परेशान हैं तो घर में बैठे रहने की बजाय थोड़ी शारीरिक गतिविधि करें। सुबह या शाम की सैर, हल्की एक्सरसाइज या घर के छोटे-मोटे काम भी आपका ध्यान भटकाने में मदद करते हैं। इससे मन भी बेहतर महसूस करता है और तंबाकू की याद भी कम आती है।
परिवार का साथ इस समय बहुत जरूरी है
तंबाकू छोड़ने की कोशिश कर रहे व्यक्ति को परिवार और दोस्तों के सहयोग की जरूरत होती है। अगर आपका कोई अपना इस आदत को छोड़ रहा है तो उसकी हौसला-अफजाई करें। वहीं अगर आप खुद तंबाकू छोड़ रहे हैं तो अपनी परेशानी परिवार वालों से साझा करें। कई बार अपनों का साथ ही सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।
यह मुश्किल समय हमेशा नहीं रहेगा
तंबाकू छोड़ने के बाद आने वाली बेचैनी, गुस्सा और तलब कुछ समय के लिए ही होती है। जैसे-जैसे दिन बीतते हैं, शरीर नई स्थिति के अनुसार खुद को ढालने लगता है और ये परेशानियां कम होने लगती हैं। इसलिए हिम्मत न हारें। हर वह दिन जब आप तंबाकू से दूर रहते हैं, आपको बेहतर सेहत और बेहतर जिंदगी के और करीब ले जाता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
