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सोना होगा और सस्ता, कितनी होगी गिरावट, बैंक ऑफ अमेरिका की भविष्यवाणी, क्या दोहराएगा पिछला इतिहास?

BofA Gold Price Forecast: बैंक ऑफ अमेरिका ने चेतावनी दी है कि 1980 और 2011 जैसे संकेत फिर दिख रहे हैं। ऐसे में सोने की कीमतें और गिर सकती हैं।

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सोने पर मंडरा रहा बड़ा खतरा! BofA ने जताई भारी गिरावट की आशंका

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BofA Gold Price Forecast : दुनियाभर में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाने वाले सोने को लेकर Bank of America (BofA) ने एक अहम चेतावनी दी है। बैंक के टेक्निकल रणनीतिकारों का मानना है कि इस साल शुरू हुई सोने की गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले महीनों में कीमतों (Gold Prices) में और बड़ी कमजोरी देखने को मिल सकती है। BofA का कहना है कि मौजूदा चार्ट और तकनीकी संकेत वही कहानी दोहरा रहे हैं, जो 1980 और 2011 में सोने के बड़े शिखर के बाद देखने को मिली थी।

पुराने रिकॉर्ड से मिल रहे हैं संकेत

BofA के मुताबिक सोने की कीमतों में इस समय जो तकनीकी संकेत दिखाई दे रहे हैं, वे पहले भी बड़े गिरावट वाले दौर से पहले नजर आए थे। बैंक के रणनीतिकार पॉल सियाना (Paul Ciana) और उनकी टीम का कहना है कि मौजूदा गिरावट केवल 24 सप्ताह पुरानी है, जबकि इससे पहले सोने में करीब 121 सप्ताह तक लगातार तेजी रही थी। ऐसे में इतनी लंबी तेजी के मुकाबले अभी तक आई गिरावट काफी छोटी मानी जा रही है। उनका मानना है कि इतिहास को देखें तो सोने में बड़ी तेजी के बाद अक्सर लंबी अवधि तक गिरावट का दौर चलता है। इसलिए मौजूदा सुधार अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

कई तकनीकी संकेत बढ़ा रहे हैं चिंता

BofA ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐसे तकनीकी संकेतों का जिक्र किया है, जो बाजार में कमजोरी का इशारा कर रहे हैं। इनमें डेथ क्रॉस, निवेशकों की जरुरत से ज्यादा खरीदारी शीर्ष स्तर पर बनी कमजोर कैंडल, TD Sequential Exhaustion Signal और RSI का 90 तक पहुंचना शामिल है। बैंक का कहना है कि RSI का 90 तक पहुंचना बहुत दुर्लभ माना जाता है और इससे पहले 1980 और 2011 में भी ऐसा ही देखने को मिला था। उन दोनों मौकों पर सोने की कीमतों में लंबी अवधि तक भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

कितनी गिर सकती हैं कीमतें?

BofA का अनुमान है कि अगर 2026 का उच्च स्तर भी 1980 और 2011 की तरह एक बड़ा शिखर साबित होता है, तो सोने की कीमतों में पिछले उछाल का करीब 50% तक सुधार हो सकता है। इस स्थिति में कीमतें करीब 3,315 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। बैंक ने अन्य तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 3,605 डॉलर और 3,702 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी महत्वपूर्ण सपोर्ट बताया है। खासतौर पर 3,702 डॉलर का स्तर 50% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के करीब है, जिसे बाजार के लिए अहम माना जा रहा है।

पहले उछाल, फिर गिरावट की संभावना

हालांकि BofA का यह भी कहना है कि गिरावट सीधी रेखा में नहीं आएगी। बैंक का अनुमान है कि पहले सोने में एक अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। कीमतें करीब 4,325 डॉलर से 4,500 डॉलर प्रति औंस तक उछल सकती हैं। लेकिन इसके बाद दोबारा बिकवाली बढ़ने की आशंका है और कीमतें फिर नीचे की ओर जा सकती हैं। बैंक का कहना है कि 2011 में भी सोने ने इसी तरह पहले हल्की रिकवरी दिखाई थी और उसके बाद लंबी गिरावट का दौर शुरू हुआ था। इसलिए निवेशकों को किसी भी तेज उछाल को अंतिम तेजी मानने से बचना चाहिए।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

Bank of America ने निवेशकों को सोने से पूरी तरह दूर रहने की सलाह नहीं दी है। इसके बजाय बैंक ने चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की रणनीति सुझाई है। रिपोर्ट के अनुसार अगर सोने की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आती है तो सीमित मात्रा में खरीदारी की जा सकती है। अगर कीमतें 3,700 से 3,600 डॉलर के दायरे में पहुंचती हैं तो निवेश बढ़ाया जा सकता है। वहीं 3,450 से 3,250 डॉलर प्रति औंस के बीच बैंक पूरी तरह निवेशित रहने की सलाह देता है।

क्या है इसका मतलब?

BofA की यह रिपोर्ट बताती है कि फिलहाल सोने के बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो आने वाले महीनों में सोने में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट भविष्य में बेहतर स्तरों पर खरीदारी का मौका भी बन सकती है। ऐसे में एक्सपर्ट्स की राय है कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने के बजाय बाजार की चाल और कीमतों के अहम स्तरों पर नजर रखनी चाहिए।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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