Explained Heatwave Food Poisoning: गर्मी इतनी ज्यादा पड़ रही है कि घर से बाहर निकलते ही पसीना छूट जाता है। ऐसे मौसम में लोग लू और डिहाइड्रेशन सिर्फ से बचने की बात तो करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं एक खतरा ऐसा भी है जो चुपचाप लोगों को बीमार बना रहा है - वह है फूड पॉइजनिंग (Food Poisioning)| अक्सर हम देखते हैं कि बहुत से लोगों के घरों में सुबह का बना खाना दोपहर या शाम तक किचन में बाहर ही रखा रहता है, वह खाने को फ्रिज में स्टोर नहीं करते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे में भी हैं जिनके पास फ्रिज नहीं है। लोग सोचते हैं कि खाना तो ठीक दिख रहा है, किसी तरह की कोई गंध नहीं है और खाने में ठीक है, तो फिर इसमें क्या ही दिक्कत होगी? लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है।
बता दें कि तेज गर्मी खासकर हीटवेव के दौरान आपका यही खाना आपका पेट खराब कर सकता है और बीमार बना सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि हीटवेव के दौरान खाने में खराब करने वाले कीटाणु बहुत तेजी से बढ़ते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द के मरीज बढ़ जाते हैं। चलिए डॉक्टर से ही जानते हैं कि आखिर हीटवेव में फूड पॉइजनिंग ज्यादा क्यों होती है और कितने देर खाने को कमरे के तापमान पर रखना चाहिए। साथ ही, 2 घंटे से ज्यादा बाहर रखा खाने सेहत पर क्या असर डालता है।
गर्मी में खाना जल्दी खराब क्यों हो जाता है
आसान भाषा में समझें तो जैसे गर्मी में अगर दूध को फ्रिज में न रखें और बाहर ही छोड़ दें तो वह जल्दी फट जाता है, वैसे ही खाने में भी गर्म मौसम का असर पड़ता है। अमृता अस्पताल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर मोहित शर्मा बताते हैं कि ज्यादा गर्मी में खाने के अंदर मौजूद छोटे-छोटे कीटाणु तेजी से बढ़ने लगते हैं। शुरुआत में खाना बिल्कुल सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर ही अंदर वह खराब हो चुका होता है। ऐसे में कुछ चीजों को गर्मी में फ्रिज से बाहर छोड़ते हुए ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है जैसे,
- दूध
- दही
- पनीर
- चावल
- दाल
- सब्जी
- अंडे और नॉन-वेज फूड
ये फूड पकाने के बाद जब ज्यादा देर के लिए कमरे के तापमान पर छोड़े जाते हैं तो बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए अगर आपके पास फ्रिज नहीं है तो जरूरत के अनुसार ही चीजें तैयार करें और उन्हें समय से खा लें। बाद के लिए न छोड़ें।
खाना जल्दी खराब होने की वजह क्या है
खाना 2 घंटे बाहर रखने वाला नियम क्या है
चलिए इसे उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपने दोपहर में खाना बनाया और उसे रसोई में ही छोड़ दिया। अगर वह खाना 2 घंटे से ज्यादा देर बाहर ही पड़ा रहता है और आप इसे फ्रिज में स्टोर नहीं करते हैं, तो उसके खराब होने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है।
अमृता अस्पताल की फूड एंड डाइट एक्सपर्ट और क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट चारू दुआ बताती हैं कि जब बाहर बहुत ज्यादा गर्मी हो, तब खाना और भी जल्दी खराब हो सकता है। ऐसे में आपको हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि बचा हुआ खाना जल्दी से फ्रिज में रख दें।
एक आम गलती जो लोग आमतौर पर करते हैं वह यह कि वे सोचते हैं खाने को बाद में दोबारा गर्म कर लेंगे तो सब ठीक हो जाएगा। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है। कुछ मामलों में खाना खराब होने के बाद उसे गर्म करने से भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता।
घर का खाना भी कर सकता है बीमार
लोगों के बीच एक आम धारणा है कि फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) तो सिर्फ बाहर का खाना खाने की वजह से होती है। लेकिन यह बात पूरी तरह सच नहीं है। डॉक्टर मानते हैं कि अगर घर का बना खाना भी अधिक गर्मी में लंबे समय तक बाहर किचन में रखा रहे, तो वह भी परेशानी की वजह बन सकता है।
उदाहरण के लिए, सुबह बने चावल या दाल को अगर शाम तक बाहर ही रखा जाए, तो उसमें ऐसे कीटाणु बढ़ सकते हैं जो आपका पेट खराब कर दें। इसलिए सिर्फ घर का बना होना ही काफी नहीं है, उसे सही तरीके से रखना भी जरूरी है।
गर्मी में किन चीजों के खराब होने का रिस्क ज्यादा होता है
हीटवेव में कौन-सी चीजें सबसे जल्दी खराब होती हैं
डॉक्टर कुछ चीजों को गर्मी में ज्यादा देर बाहर रखने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इनमें तेजी से बैक्टीरिया पनपने और खराब होने का रिस्क ज्यादा होता है जैसे,
- दूध और दही
- पनीर
- क्रीम वाली मिठाइयां
- पका हुआ चावल
- दाल और सब्जियां
- चिकन, मटन और मछली
- अंडे
- कटे हुए फल
- सलाद
- खुला हुआ स्ट्रीट फूड
बता दें कि अगर ये चीजें कई घंटों तक बाहर रखी रहें, तो इनके खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर क्या संकेत देता है
डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि फूड पॉइजनिंग होने पर शरीर कुछ साफ संकेत देता है जैसे,
- बार-बार दस्त लगना
- उल्टी होना
- पेट में मरोड़ या दर्द
- बुखार आना
- कमजोरी महसूस होना
- चक्कर आना
- मुंह सूखना
अगर छोटे बच्चे, बुजुर्ग या गर्भवती महिला में ये लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए।
हीटवेव में परेशानी क्यों होती है ज्यादा
हीटवेव में यह परेशानी ज्यादा खतरनाक क्यों हो जाती है
जब कोई व्यक्ति फूड पॉइजनिंग का शिकार हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में शरीर से पानी तेजी से निकलता है। लगातार उल्टी और दस्त की वजह से उनके शरीर में कमजोरी बढ़ने लगती है। दूसरी तरफ गर्मियों में हीटवेव भी शरीर का पानी सुखा देती है। ऐसे में दोनों समस्याएं एक साथ हो जाएं, तो हालत ज्यादा खराब हो सकती है।
न्यूट्रिशनिस्ट चारू दुआ कहती हैं कि कई मरीजों में पानी की इतनी कमी हो जाती है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
हीटवेव में फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए क्या करें
डॉक्टर बताते हैं कि कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर हीटवेव के दौरान फूड पॉइजनिंग से बचा जा सकता है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी सी सावधानी आपको इस परेशानी से बचा सकती है।
- खाना हमेशा जरूरत के अनुसार बनाएं
- खाना बनने के बाद ज्यादा देर बाहर न रखें
- बचा हुआ खाना फ्रिज में रख दें
- खाने को हमेशा ढककर रखें
- कटे हुए फल लंबे समय तक बाहर न छोड़ें
- साफ पानी पिएं
- खाना बनाने और खाने से पहले हाथ धोएं
- बहुत देर से रखा खाना खाने से बचें
- सड़क किनारे खुले में रखी चीजें कम खाएं
- गर्मियों में ताजा बना खाना खाने की कोशिश करें
फूड पॉइजनिंग से बचने का तरीका क्या है
गांठ बांध लें डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर कहते हैं कि गर्मी में हीटवेव सिर्फ लू का खतरा नहीं बढ़ाती, बल्कि फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ा देती है। भले ही कई बार खाना देखने में बिल्कुल ठीक लगता है, लेकिन वह आपके पेट के लिए नुकसानदायक बन चुका होता है।
इसलिए अगर खाना कई घंटों से बाहर रखा है, तो उसे खाने से पहले दो बार जरूर सोचें। गर्मियों में थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को उल्टी, दस्त और अस्पताल के चक्कर से बचा सकती है।
