Lung Cancer Symptoms In Hindi: कैंसर एक घातक बीमारी है जिसकी वजह से हर साल लाखों लोग जान गंवाते हैं। फेफड़ों का कैंसर इसका एक गंभीर प्रकार है। यह वह स्थिति है, जब कैंसर कोशिकाएं हमारे फेफड़ों में विकसित होने लगती हैं। फेफड़ों का कैंसर भी लोगों में काफी तेजी से बढ़ रहा है। आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2022 में सिर्फ भारत में फेफड़ों के कैंसर के 1.46 मिलियन थे, यह अनुमान जताया जा रहा है कि 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1.57 मिलियन तक पहुंच सकती है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी की मानें तो कैंसर का यह प्रकार पुरुष और महिला दोनों को समान रूप से प्रभावित करता है। महिलाओं में हर 16 में से एक और पुरुषों में 17 में से 1 व्यक्ति फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना रहती है। अगर समय रहते इसका निदान नहीं हो पाता है, तो यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।
अच्छी बात यह है कि फेफड़ों में कैंसर की शुरुआत होती है तो इसके कई संकेत और लक्षण दिखाई देने लगते हैं। हमारा शरीर कई संकेत के माध्यम से इसके बारे में बताने की कोशिश करता है। लेकिन ज्यादातर लोगों के साथ हम देखते हैं कि वे इसे आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना जानलेवा हो सकता है। इस लेख में हम आपको फेफड़ों में कैंसर के शुरुआती लक्षण बता रहे हैं, जिनके दिखते ही आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
फेफड़ों में कैंसर के शुरुआती लक्षण - Early Symptoms Of Lung Cancer In Hindi
फेफड़ों में कैंसर के कई संकेत और लक्षण हो सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसका प्रारंभिक लक्षण होता है उपचार के बाद बार-बार होने वाली खांसी या निमोनिया। जैसे-जैसे व्यक्ति की स्थिति गंभीर होती है, इसके कई अन्य संकेत और लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं जैसे,
- घरघराहट
- ठीक न होने वाली खांसी,
- सांस लेने में परेशानी और सांस फूलना
- खांसते समय खून आना
- सीने में दर्द या बेचैनी।
- चेहरे, गर्दन, हाथ या ऊपरी छाती में सूजन
- गला बैठना और बोलने में परेशानी
- अचानक भूख कम लगना
- बिना किसी कारण या अचानक वजन कम होना
- बहुत अधिक थकान रहना और कंधे में दर्द की समस्या
लक्षण दिखें तो तुरंत करें ये काम
अगर कोई व्यक्ति सामान्य से अक्सर इस तरह के लक्षण नोटिस करता है, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इनकी मदद से समय रहते फेफड़ों के कैंसर का निदान किया जा सकता है। इससे व्यक्ति को जल्द उपचार मिल सकता है और कैंसर का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इनकी मदद से कैंसर के कारण मृत्यु के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
