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World Hypertension Day: हर तीसरे भारतीय की इस ‘साइलेंट किलर’ से हो रही मौत, डॉक्टर ने बताए बचने के आसान टिप्स

High Blood Pressure Cases Increasing In India: हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर देती है, और जब इसका असर दिखता है, तब तक बहुत कुछ गंवा चुके होते हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि हाई ब्लड प्रेशर की वजह से हर तीसरे भारतीय व्यक्ति की मौत होती है। ऐसे में इसको लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इससे बचने के उपाय....

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High Blood Pressure Cases Increasing In India

High Blood Pressure Cases Increasing In India: क्या आपको पता है कि हर तीसरा भारतीय हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन से जूझ रहा है? और इससे भी डरावनी बात ये है कि ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता। ये बीमारी बिल्कुल खामोशी से शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती है और जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

डॉ. आशीष कुमार, सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी, अमृता अस्पताल फरीदाबाद के मुताबिक, अब हाइपरटेंशन सिर्फ बुजुर्गों की नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों की भी बीमारी बन चुकी है। इस वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर आइए समझते हैं कैसे यह खतरा हमारे आसपास ही है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

सिर्फ बुजुर्गों की नहीं रही बीमारी

पहले हाई ब्लड प्रेशर को एक उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। डॉ. आशीष कुमार बताते हैं कि 28 से 35 साल के युवा भी सीधे हार्ट अटैक के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है अनहेल्दी लाइफस्टाइल और बढ़ता तनाव। ऑफिस का प्रेशर, नींद की कमी, खराब खानपान और कोई फिजिकल एक्टिविटी न होना, ये सब मिलकर युवाओं को पहले ही उम्र में बीमार बना रहे हैं।

बच्चों में भी बढ़ रहा है खतरा

अगर आप सोचते हैं कि हाई बीपी सिर्फ बड़ों को होता है, तो एक बार फिर सोचिए। हाल की स्टडी बताती है कि 10 से 12 साल के करीब 35 फीसदी बच्चे और 13 से 19 साल के लगभग 25 फीसदी किशोर हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे हर दिन भारी बैग के साथ-साथ एक छुपा हुआ खतरा भी अपने साथ लेकर जा रहे हैं और वो है हाइपरटेंशन।

हर दूसरा मरीज बीमारी से अंजान है

द लांसेट (The Lancet) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में 36 फीसदी लोग हाई बीपी से पीड़ित हैं। लेकिन सबसे खतरनाक बात ये है कि इनमें से लगभग आधे को अपनी बीमारी का पता ही नहीं होता। और जिनको पता चलता है, उनमें से भी सिर्फ 22.5% लोग ही इसे कंट्रोल में रख पाते हैं। इसका मतलब है कि यह खतरा हमारे घर, ऑफिस और स्कूल तक फैल चुका है, बस हम पहचान नहीं पा रहे।

क्यों हो रहा है हाई बीपी

फास्ट फूड, नमक से भरी पैक्ड चीजें, देर रात तक मोबाइल देखना, स्ट्रेस और बिल्कुल भी एक्सरसाइज न करना, ये सब हाइपरटेंशन के लिए जिम्मेदार हैं। लेकिन सबसे बड़ी गलती है हमारी लापरवाही और जानकारी की कमी। जब तक शरीर दर्द नहीं करता, हम जांच कराना जरूरी नहीं समझते, और यहीं से खतरा बढ़ता है।

कैसे करें बचाव

डॉ. आशीष कुमार कहते हैं कि हाई बीपी से बचाव मुश्किल नहीं है। अगर हम थोड़ी सी समझदारी दिखाएं और रोजमर्रा की आदतों में कुछ छोटे बदलाव करें, तो इस बीमारी से आसानी से दूर रहा जा सकता है जैसे,

  • नियमित रूप से बीपी की जांच कराना
  • घर का सादा खाना खाना
  • रोज 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करना
  • समय पर सोना और नींद पूरी लेना
  • स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन या ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना।

अगर आप भी हाई ब्लड प्रेशर से बचना चाहते हैं, तो डॉक्टर की बताई इन टिप्स को फॉलो करें। अनहेल्दी खाने से बचें और किसी भी तरह की समस्या होने पर सीधा डॉक्टर से संपर्क करें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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