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World Health Day 2023 : 40 की उम्र के बाद फिट रहना चाहती हैं? इन बातों को भूलकर भी न करें अनदेखा

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Apr 6, 2023, 01:01 PM IST

Health Tips for 40+ Women: 40 की उम्र के बाद महिलाओं में हड्डियों, मांसपेशियों, त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। सही डाइट न लेने पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ऐसे में 40+ की महिलाओं को खुद पर खास ध्यान देना चाहिए और कुछ बातों का नियमित रूप से पालन करना चाहिए।

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40 पार भी रहना चाहती हैं फिट, तो जरूर कराएं ये 8 टेस्ट

Photo : iStock

HWomen Health Problems: 40 की उम्र के बाद देखा गया है कि महिलाओं को कई तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं। इससे कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। 40 साल की उम्र के बाद महिला मेनोपॉज के करीब पहुंच जाती है और शरीर में कई तरह की कमियां होने लगती हैं।

सेहत के मामले में महिलाओं को 40 साल के बाद अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। यहां महिलाओं को होने वाली कुछ समस्याओं के बारे में बताया गया है। इन बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपने शरीर की छोटी-छोटी शिकायतों को भी नजरअंदाज न करें। समय पर जांच से बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। अगर आप या आपके घर की अन्य महिलाएं 40 साल की हो गई हैं तो इन बातों से सावधान रहें और अगर ये लक्षण नजर आएं तो इन्हें नजरअंदाज न करें।

गुर्दे की पथरी | Kidney Stone

गुर्दे की पथरी वास्तव में पथरी नहीं होती है लेकिन मूत्र पथ में पत्थरों का जमाव बहुत दर्दनाक होता है और उम्र के साथ हो सकता है। हालांकि अन्य कारण भी किडनी स्टोन को बढ़ावा देते हैं। अधिकतर यह माना जाता है कि गुर्दे की पथरी पुरुषों में आम होती है, लेकिन यह महिलाओं में भी देखी जा सकती है। गंभीर पीठ दर्द, पेशाब में खून, बुखार और ठंड लगना, उल्टी, पेशाब में दुर्गंध आना और पेशाब के दौरान जलन गुर्दे की पथरी के कुछ चेतावनी संकेत हैं।

वात रोग | Arthritis

40 की उम्र के बाद ज्‍यादातर महिलाओं को गठिया की समस्‍या होने लगती है। जोड़ों में दर्द और अकड़न या पेट में सूजन या काम करते समय हाथों में झनझनाहट होना समय पर इलाज न कराने पर गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

मधुमेह | Diabetes

हालांकि आजकल युवा लोगों में भी मधुमेह की शुरुआत देखी जा रही है, लेकिन महिलाओं में 40 की उम्र के बाद मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। थकान, गला सूखना, धुंधली दृष्टि, धीरे-धीरे वजन कम होना या बढ़ना, बार-बार पेशाब आना, मुलायम मसूड़े महिलाओं में मधुमेह के कुछ लक्षण हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस | Osteoporosis

चालीस की उम्र के बाद हड्डियां भंगुर होने लगती हैं, हार्मोन में बदलाव का भी शरीर की संरचना पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। महिलाओं को कैल्शियम के सेवन और विटामिन डी के स्तर का हमेशा ध्यान रखने की सलाह दी जाती है जिससे हड्डियों के स्वास्थ्य (बोन डेंसिटी) पर कोई असर न पड़े।

पेशाब का संक्रमण | Urine Infection

यह समस्या कई महिलाओं में देखी जाती है जो कि एक अच्छा संकेत बिल्कुल भी नहीं है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, पेशाब को सहारा देने वाली नसें कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा, उम्र के साथ, मूत्राशय की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं और अपनी लोच खो देती हैं। इसके कारण व्यक्ति पेशाब पर नियंत्रण नहीं रख पाता है। यूरिनरी प्रॉब्लम तब होती है जब व्यक्ति खांसने और छींकने पर भी पेशाब बंद नहीं कर पाता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए टिप्स | Tips for Women's health

1. चालीस की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित रूप से पूरे शरीर की जांच करानी चाहिए।

2. ब्रेस्ट कैंसर ज्यादातर उम्रदराज महिलाओं में होता है इसलिए आपको ब्रेस्ट टेस्ट करवाना चाहिए।

3. बढ़ती उम्र के कारण हाई या लो बीपी होना आम बात है, इसलिए अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स को शामिल करें। रोजाना व्यायाम करें, नियमित व्यायाम करने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।

4. अगर आपका वजन बिना किसी कारण के बढ़ रहा है या आपके बाल झड़ रहे हैं तो आप थायरॉइड की जांच कराएं।

5. अपने आहार में हरी सब्जियों को शामिल करें और सुबह एक गिलास पानी पिएं।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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