World Blood Donor Day 2024: आपने अक्सर देखा होगा कि जब रक्तदान करने की बात आती है तो लोग काफी आनाकानी करते हैं। वे रक्तदान करने से बहुत डरते हैं। क्योंकि समाज में रक्तदान को लेकर तरह-तरह की धारणाएं मौजूद होते हैं। कोई कहता रक्तदान करने से दर्द होता है, तो कोई कहता है कि इससे शरीर में कमजोरी आ जाती है। लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है? आपको बता दें कि इस तरह की धारणाएं पूरी तरह गलत हैं। हां, यह सही है कि कुछ मामलों या स्वास्थ्य समस्याओं में रक्तदान करने से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन एक सामान्य व्यक्ति के लिए रक्तदान करना पूरी तरह सुरक्षित होता है। कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। बल्कि रक्तदान करना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं, रक्त शुद्ध होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।
रक्तदान को महादान भी कहा जाता है, क्योंकि आपातकालीन स्थितियों में आपका रक्त किसी व्यक्ति की जान भी बचा सकता है। अस्पतालों में पर्याप्त खून न होने की वजह से बहुत से लोगों को जरूरत पड़ने पर खून नहीं मिल पाता है और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है। लोगों को रक्तदान के महत्व को समझाने, उनके बीच जागरूकता बढ़ाने और रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य के साथ हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। यहां हम आपको कुछ ऐसी गलत धारणाओं की सच्चाई बता रहे हैं, जिनकी वजह से लोग आमतौर पर रक्तदान करने से कतराते हैं।
रक्तदान से जुड़ी कुछ आम गलत धारणाएं - Common Misconception About Blood Donation
रक्तदान बहुत दर्दनाक होता है
आमतौर पर लोगों ऐसा मानते हैं कि रक्तदान करते समय व्यक्ति को काफी दर्द और तकलीफ का सामना करना पड़ता है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। आपको बता दें कि रक्तदान की प्रक्रिया बहुत ही सरल होती है और इस दौरान आपको किसी भी तरह का दर्द या तकलीफ का सामना नहीं करना पड़ता।
खून कम की कमी हो जाएगी
यह रक्तदान से जुड़ी सबसे आम गलत धारणाओं में से एक है। लोगों को ऐसा लगता है कि अगर ने रक्तदान करेंगे तो उनके शरीर में खून की कमी हो जाएगी। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। जब आप रक्तदान करते हैं, तो कुछ ही दिनों में शरीर में रक्त की पूर्ति हो जाती है।
रक्तदान महिलाओं के लिए नहीं है
महिलाओं को यह बताया जाता है कि वे रक्तदान नहीं कर सकती हैं। ऐसा केवल पुरुष करते हैं। यह सरासर गलत है, महिलाएं भी पुरुषों की तरह रक्तदान कर सकती हैं और इसमें कोई परेशानी वाली बात नहीं है।
रक्तदान की प्रक्रिया बहुत लंबी होती है
लोगों को ऐसा लगता है कि रक्तदान करने में व्यक्ति का काफी समय खर्च होता है और यह एक लंबी प्रक्रिया है, जो घंटों चलती है। आपको बता दें कि 1 यूनिट रक्तदान करने में सिर्फ 15-20 मिनट लगते हैं।
कमजोरी आजाएगी
कई बार हम देखते हैं कि परिवार के सदस्य ही रक्तदान करने के लिए मना करते हैं, क्योंकि एक आम धारणा यह भी है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है। आपको बता दें कि रक्तदान करने के बाद सिर्फ कुछ घंटे थकान व कमजोरी महसूस होती है, उसके बाद पूरी तरह सामान्य हो जाते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
