हेल्थ

World Blood Donor Day 2023: रक्तदान से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, कैंसर जैसी कई बीमारियों से खुद को रख सकते हैं महफूज

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated Jun 14, 2023, 12:04 PM IST

World Blood Donor Day 2023: रक्तदान को महादान माना जाता है, क्योंकि इससे किसी की जान बचाई जा सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि रक्तदान से न सिर्फ मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि अगर आप रक्तदान करते हैं तो यह आपके लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से रक्तदान करते हैं उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

Image

World Blood Donor Day 2023: हर साल 14 जून को वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है।

Photo : iStock

World Blood Donor Day 2023: रक्तदान एक बहुत ही नेक तथा निःस्वार्थ काम है। रक्तदान से अनगिनत लोगों की मदद की जा सकती है। इस नेक काम से उनके जीवन को बचाया जा सकता है या बेहतर बनाया जा सकता है। अगर आप रक्तदान करने के बारे में सोच रहे हैं तो कुछ बातों का आपको ध्यान में रखना चाहिए। ब्लड डोनेशन जैसे नेक काम के लिए कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं का ज्ञान और जागरूकता ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आइए जानते हैं-

उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के ब्लड बैंक के डॉ राजीव तोमर ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से बातचीत में बताया कि रक्तदान, परोपकार का ऐसा काम है, जिसका फायदा ब्लड डोनेट करने वाले को भी मिलता है और लेने वाले को भी। रक्तदान के कई फायदे हैं। इनमें से कुछ के बारे में हम यहां बता रहे हैं :

दिल की बीमारियों का कम खतरा - Lower Risk of Heart Disease

नियमित रूप से रक्तदान करने से दिल की बीमारियां और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। रक्तदान से ब्लड-फ्लो हेल्दी रहता है और शरीर में आयरन जरूरत से ज्यादा नहीं बनता। इससे कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं पैदा नहीं होतीं।

कैंसर का कम खतरा - Lower risk of cancer

स्टडीज से पता चला है कि रक्तदान करने वालों में लिवर, लंग्स और कोलोन कैंसर सहित कई तरह के कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। इसका सही कारण तो पूरी तरह नहीं पता चला है, लेकिन माना जाता है कि रक्तदान के जरिए शरीर से आयरन निकल जाने की कैंसर का खतरा कम करने में बड़ी भूमिका होती है।

बेहतर ब्लड-फ्लो - Better Blood Flow

रक्तदान से निकले खून की कमी पूरी करने के लिए शरीर में नई ब्लड सेल्स बनती हैं। इससे नए रेड ब्लड सेल्स का निर्माण भी तेज होता है, जिससे ब्लड-फ्लो सुधारने और शरीर के विभिन्न अंगों और टिश्यूज तक ऑक्सीजन सप्लाई में मदद मिलती है। बता दें कि अच्छी सेहत और वेलबीइंग के लिए बेहतर ब्लड-फ्लो जरूरी होता है।

सेहत की जांच - Health Checkup

रक्तदान से पहले शरीर की थोड़ी-बहुत जांच भी की जाती है, जैसे - ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन लेवल, संक्रामक रोग की जांच आदि। इस प्रक्रिया से सेहत से जुड़ी समस्याओं का पता चल सकता है, जैसे - हाई ब्लड प्रेशर या एनीमिया। मुमकिन है कि यह जांच नहीं कराने पर ऐसी बीमारियों का लंबे समय तक पता ही नहीं चले। समय से इनका पता चल जाने से जल्दी इलाज शुरू किया जा सकता है।

अच्छी मानसिक सेहत - Better Mental Health

रक्तदान साइकोलॉजिकली भी पॉजीटिव असर छोड़ता है। रक्तदान करने के बाद किसी लक्ष्य को पूरा करने, कुछ अच्छा काम करने और संतुष्टि का अहसास होता है, क्योंकि रक्तदान करने वाले के मन में यह भावना होती है कि वह किसी दूसरे व्यक्ति की सेहत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। परोपकार के इस काम से आत्म-सम्मान भी बढ़ता है और मानसिक सेहत भी अच्छी रहती है।

आयरन पर कंट्रोल - Control on Iron

नियमित रूप से रक्तदान से शरीर में आयरन का लेवल सही बना रहता है। जरूरत से ज्यादा आयरन प्रमुख अंगों और टिश्यूज में जमा हो सकता है, जिससे कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। रक्तदान का एक फायदा यह भी है कि ज्यादा आयरन लेवल वाले लोगों में आयरन-ओवरलोड से बचाया जा सकता है, जिससे उनमें इससे होने वाली परेशानियां भी नहीं होतीं। हेरेडिट्री हेमोक्रोमैटोसिस के मरीज ऐसे ही लोगों में शामिल हैं।

शॉर्ट-टर्म हेल्थ चेकअप - Short Term Health Checkup

रक्तदान करने पर हर बार छोटा-सा हेल्थ चेकअप जरूर किया जाता है, जिसमें ब्लड प्रेशर, पल्स, टेंप्रेचर और हीमोग्लोबिन लेवल नापे जाते हैं। इससे शरीर की सामान्य स्थिति की लगातार जानकारी मिलती रहती है और सेहत से जुड़े खतरों का समय पर पता लग सकता है।

इस बात को ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि रक्तदान से सेहत को कई फायदे मिलते हैं, लेकिन रक्तदान जिम्मेदारी से ही करना चाहिए। इसके लिए रक्तदान केंद्रों या हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स जो भी गाइडलाइंस दें, उन्हें फॉलो जरूर करें। अगर आप भी रक्तदान करना चाहते हैं, तो अपने स्थानीय रक्तदान केंद्र या हेल्थकेयर प्रोफेशनल से इसकी योग्यता और प्रक्रिया की जानकारी ले लें।

IHW काउंसिल के CEO कमल नारायण का कहना है कि ब्लड डोनेशन हेल्थ सिस्टम का एक महत्वपूर्ण अंग है, यह न केवल दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बचाने में मदद करता है बल्कि डोनर के हेल्थ के लिए बेनिफिशियल भी हो सकता है। रक्तदान में एचआईवी, हेपेटाइटिस और सिफलिस जैसे विभिन्न वायरल डिजीज के टेस्ट सहित कम्पलीट हेल्थ चेकअप शामिल है। यह स्क्रीनिंग डोनर को उनके स्वयं के स्वास्थ्य के बारे में वैल्युएबल इनसाइट प्रदान कर सकती है, जिससे वे किसी भी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का जल्द पता लगा सकते हैं। ब्लड डोनर को भी खुशी और संतुष्टि की अनुभूति होती है जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य बढ़ता है। याद रखें जब हर बूंद मायने रखती है, तो हर डोनर भी मायने रखता है!

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

और पढ़ें
End of Article