World Bicycle Day 2026: डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें सिर्फ दवा खाना ही काफी नहीं होता। अगर खानपान और रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान न दिया जाए तो ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना मुश्किल हो सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें इस काम में आपकी मदद कर सकती हैं और उनमें से एक है साइक्लिंग।
'विश्व साइकिल दिवस' (World Bicycle Day) के मौके पर हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. दिलीप गुडे बताते हैं कि साइक्लिंग डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। हालांकि इसे दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए, लेकिन दवा, संतुलित भोजन और डॉक्टर की सलाह के साथ अगर नियमित साइक्लिंग की जाए तो ब्लड शुगर (diabetes and cycling) को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि आज कई डॉक्टर भी डायबिटीज मरीजों को किसी न किसी तरह की शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं।
साइक्लिंग से शरीर शुगर का बेहतर इस्तेमाल करता है
डॉ. गुडे के अनुसार, जब हम साइकिल चलाते हैं तो शरीर की कई मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं। इन्हें ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए शरीर खून में मौजूद शुगर का इस्तेमाल करने लगता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। यही कारण है कि नियमित साइक्लिंग को डायबिटीज मैनेजमेंट का एक अच्छा हिस्सा माना जाता है।
दवा के असर को बेहतर बनाने में भी मददगार
डायबिटीज में कई बार शरीर इंसुलिन का सही तरह से उपयोग नहीं कर पाता। आसान शब्दों में कहें तो शरीर में मौजूद शुगर का इस्तेमाल ठीक से नहीं हो पाता। साइक्लिंग करने से शरीर इस काम को बेहतर तरीके से करने लगता है। इसका फायदा सिर्फ साइकिल चलाने के दौरान ही नहीं, बल्कि उसके बाद भी कुछ समय तक मिलता रहता है। नियमित रूप से ऐसा करने पर लंबे समय में ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद मिल सकती है।
वजन घटाने और पेट की चर्बी कम करने में फायदेमंद
डायबिटीज और बढ़ता वजन अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। खासकर पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी ब्लड शुगर को बढ़ाने का काम कर सकती है। साइक्लिंग एक ऐसी एक्सरसाइज है जो कैलोरी खर्च करने में मदद करती है। अगर इसे नियमित रूप से किया जाए तो वजन नियंत्रित रखने और पेट की चर्बी कम करने में सहायता मिल सकती है।
दिल को भी रखती है स्वस्थ
डायबिटीज का असर सिर्फ ब्लड शुगर तक सीमित नहीं रहता, यह दिल की सेहत को भी प्रभावित कर सकती है। डॉ. गुडे बताते हैं कि साइक्लिंग करने से दिल और रक्त वाहिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं। इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में भी मदद कर सकती है। इससे भविष्य में होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
कितनी देर साइक्लिंग करनी चाहिए
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर लोगों के लिए रोजाना या सप्ताह के अधिकतर दिनों में करीब 30 मिनट साइक्लिंग करना फायदेमंद हो सकता है। अगर इतना समय निकालना मुश्किल हो तो खाने के बाद कुछ देर साइक्लिंग या तेज चाल से चलना भी लाभ पहुंचा सकता है। यहां सबसे जरूरी बात है नियमितता। कभी-कभार ज्यादा मेहनत करने से बेहतर है कि रोज थोड़ा-थोड़ा किया जाए।
साइक्लिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप डायबिटीज की दवा या इंसुलिन लेते हैं तो साइक्लिंग शुरू करने से पहले और बाद में ब्लड शुगर पर नजर रखना जरूरी है। कुछ लोगों में एक्सरसाइज के कारण शुगर जरूरत से ज्यादा कम हो सकती है। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीएं, आरामदायक जूते पहनें और शुरुआत धीरे-धीरे करें। शरीर की क्षमता के अनुसार ही समय और दूरी बढ़ाएं।
डॉ. दिलीप गुडे का कहना है कि दवा, सही खानपान और नियमित साइक्लिंग का मेल डायबिटीज को बेहतर तरीके से संभालने में मदद कर सकता है। इसलिए इस विश्व साइकिल दिवस पर साइकिल को सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि अच्छी सेहत की ओर बढ़ाया गया एक कदम भी समझिए।
