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TMC News: 'लंबे भाषण' पर ममता बनर्जी से बहस, कल्याण बनर्जी 'शहीद दिवस रैली' छोड़कर निकले

कल्याण बनर्जी लगभग 23 मिनट तक बोलते रहे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ-साथ विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के बागी गुट पर भी तीखा हमला किया।

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कल्याण बनर्जी और ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी खेमे के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी मंगलवार को शहीद दिवस रैली में लगभग 23 मिनट लंबा भाषण देने के तुरंत बाद आयोजन स्थल से चले गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने भाषण के लिए निर्धारित समय से अधिक देर बोलने के लिए ममता के साथ हुई बहस के बाद यह कदम उठाया।हालांकि, कल्याण ने ममता के साथ किसी भी तरह की बहस से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह अन्य व्यस्तताओं के चलते रैली को बीच में ही छोड़कर चले गए।

ममता खेमे के सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता में बिरला तारामंडल के पास आयोजित शहीद दिवस रैली में वक्ताओं की सूची असामान्य रूप से लंबी थी, इसलिए नेताओं को अपना भाषण संक्षिप्त रखने का निर्देश दिया गया था, ताकि सभी को बोलने का मौका मिल सके।

कल्याण लगभग 23 मिनट तक बोलते रहे

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि कल्याण लगभग 23 मिनट तक बोलते रहे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टीके साथ-साथ विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के बागी गुट पर भी तीखा हमला किया।कल्याण ने कहा, 'ममता बनर्जी अकेली ही तृणमूल हैं। वहां भाजपा समर्थित मंच तो तैयार किया गया है, लेकिन कार्यकर्ता उनके साथ नहीं हैं। भाजपा समर्थित जो विधायक पार्टी पर कब्जा करने का सपना देख रहे हैं, वे असल में अपनी ही कब्र खोद रहे हैं।'

ममता ने इसे तय समय से अधिक खींचे जाने पर नाखुशी जाहिर की

मंच पर मौजूद सूत्रों ने दावा किया जब कल्याण रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी ममता मंच पर आईं और उन्हें भाषण खत्म करने का इशारा किया। सूत्रों के अनुसार, जब कल्याण ने बोलना जारी रखा, तो पार्टी के नेता कुणाल घोष ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने बताया कल्याण का भाषण खत्म होने के बाद ममता ने इसे तय समय से अधिक खींचे जाने पर नाखुशी जाहिर की, जिसे लेकर दोनों नेताओं में संक्षिप्त कहासुनी हुई। सूत्रों के मुताबिक, 'कहासुनी के बाद कल्याण मंच से उतरकर सीधे कालीघाट स्थित अपने आवास चले गए। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के भाषण का इंतजार भी नहीं किया।'

कल्याण ने किसी भी तरह की कहासुनी की खबरों को खारिज किया

हालांकि, कल्याण ने ममता के साथ किसी भी तरह की कहासुनी की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'भाषण के बाद मैं वहां से चला गया, क्योंकि मेरी कुछ और व्यस्तताएं थीं। कोई कहासुनी नहीं हुई। अगर हुई भी होती, तो क्या मैं मंच पर आगे जाकर उसी तरह सभा को संबोधित करता?'सूत्रों ने बताया कि कल्याण का भाषण तय समय से अधिक खिंचने के कारण आयोजकों को रैली में बोलने वाले कई लोगों के नाम सूची से हटाने पड़े, जिनमें लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद, राज्यसभा सदस्य डोला सेन और सागरिका घोष तथा वरिष्ठ नेता राजीव कुमार शामिल हैं। मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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