Monsoon Health Tips in Hindi: मॉनसून सीजन का मतलब है कई बार बारिश में भीगना, सर्द गर्म का होना, पैर गीले रहना, खांसी जुकाम होना। इसी के साथ ही पानी और खाने की चीजों से इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान मौसम में नमी बढ़ने से शरीर में वात और कफ बढ़ जाता है जिससे कि शरीर उतनी तेजी से इंफेक्शन आदि से लड़ने में सक्षम नहीं होता है। ऐसे में पैरों को गर्म रखकर हम शरीर को मॉनसून की हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचा सकते हैं।
वेलनेस कोच ईशा लाल ने इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम को जानकारी दी है कि अगर पैर गर्म रहते हैं तो इससे शरीर में हीट और ब्लड सर्कुलेशन का अच्छा रहता है। इससे पाचन तंत्र यानी शरीर की अग्नि को सही रखने में मदद मिलती है जिससे खाना डाइजेस्ट अच्छी तरह होता है। पैर गर्म रहने से बॉडी रिलैक्स रहती है और इम्यून सिस्टम बेहतर होता है। पांव गर्म होने से कोल्ड, फ्लू समेत दूसी इंफेक्शंस को दूर रखने में भी मदद मिलती है।
बारिश में पैरों की समस्या
ईशा लाल के मुताबिक, मॉनसून में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और तापमान कम रहता है। इससे हमारी बॉडी का टेम्परेचर भी कम होता है, जिसका असर सीधा हमारी हेल्थ पर पड़ता है। चूंकि पैर हमारे दिल से थोड़ी दूरी पर होते हैं और अक्सर हम इनको ढककर नहीं रखते - लिहाजा ये ठंडे पानी, कीचड़ आदि के संपर्क में आते हैं। अगर आपके पैर हमेशा ठंडे रहते हैं तो इसका अर्थ है कि आपकी बॉडी में ब्लड का सर्कुलेशन अच्छा नहीं है। इससे एलर्जी, कोल्ड, सांस की तकलीफ, जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।बारिश में कैसे करें पैरों को गर्म
- बाहर से आने पर पैरों को अच्छी तरह धोएं। सूखने के बाद क्रीम लगाएं और कुछ देर जुराबें पहन लें।
- जब भी पैर भीग जाएं तो इनको जितनी जल्दी हो सके, सुखा लें। गीले पैरों से शरीर में वात प्रकोप बढ़ता है।
- बारिश में भीग जाएं तो कपड़े वगैरह बदलने के बाद गर्म पानी में कुछ देर के लिए पैर जरूर भिगोएं। इसमें एसेंशियल ऑयल मिलाएंगे तो और बेहतर होगा।
- दिन में एक बार फुट मसाज करने से भी ब्लड फ्लो बढ़ता है और बारिश में शरीर में बैलेंस रहता है।
बारिश के मौसम में ठंडा खाने से बचेंमॉनसून में हमेशा गर्म और पका हुआ खाना खाना चाहिए। सलाद आदि भी खाने से बचें। खाना सही नहीं खाएंगे तो डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर पड़ेगा। इसका प्रभाव ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ेगा, यह दुरुस्त होगा और सेहत भी ठीक रहेगी।
