Arthritis Pain Without Inflammation Causes: गठिया जोड़ों से जुड़ी गंभीर स्थिति है, जिसमें जोड़ों में सूजन और जकड़न होती है। इसकी वजह से उन्हें जोड़ों में गंभीर दर्द होता है। हालांकि, हमेशा यह जरूरी नहीं है कि जोड़ों में दर्द सूजन के कारण हो। इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। यही कारण है कि बहुत से लोग जोड़ों में दर्द से राहत के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं तो लेते हैं, लेकिन उन्हें कुछ भी लाभ नहीं मिलता है। उनका दर्द कम नहीं होता है और लगातार गंभीर दर्द परेशान करता है। ऐसे में अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों होता है? आखिर दर्द निवारक दवाओं से भी उनका दर्द कम क्यों नहीं होता है? सूजन न होने पर भी गठिया रोगियों के जोड़ों में दर्द क्यों होता है, इस लेख में हम आपको इसके पीछे की प्रमुख वजह बता रहे हैं।
कुछ लोगों में सूजन न होने पर भी जोड़ों में दर्द का कारण
सूजन हटाने के उद्देश्य से किए गए एक सर्जिकल इंटरवेंशन में यह बात सामने आई है कि "भले ही कुछ मामलों में जोड़ों में फुलावट और उभार देखने को मिलता है, लेकिन वास्तव में उनमें सूजन नहीं होती है। जोड़ों पर दबाव डालने और दबाने गूदेदार और मोटा लगता है, लेकिन ऐस प्रतिरक्षा कोशिकाओं के कारण नहीं होता है। उनमें टिशु का विकास तो होता है, लेकिन सूजन नहीं देखने को मिलती। तो सूजन न होने पर भी आखिर दर्द क्यों होता है?
अध्ययन में पाया गया है कि ऐसा जीन के कारण होता है। असल गठिया से पीड़ित ऐसे रोगियों में 815 जीनों का एक समूह होता है, जो दर्द से प्रभावित जोड़ों को सहारा देने वाले टिशू में सेंसिटिव न्यूरॉन्स की असामान्य वृद्धि को एक्टिव करता है रूमेटाइड गठिया की समस्या अधिकांश मामलों में इम्यून सेल्स यानी प्रतिरक्षा कोशिकाओं के कारण होती है। साइटोकिन्स, ब्रैडीकिनिन या प्रोस्टेनोइड के उत्पाद सिनोबियम पर आक्रमण करते हैं। यह जोड़ों को अस्तर करने वाला एक नरम ऊतक होता है, जहां वे क्षति-संवेदन दर्द रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं। ऐसे में जोड़ों में सूजन जैसे देखने को तो मिलता है, लेकिन वास्तव में यह सूजन नहीं होती है। इसकी वजह से गंभीर दर्द भी होता है।
दवाओं से भी जोड़ों का दर्द कम न हो तो क्या करें?
अगर गठिया रोगियों के साथ इस तरह की समस्या देखने को मिलती है, तो ऐसे में उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बार-बार अधिक पेन किलर लेना भी बहुत नुकसानदेह हो सकता है। यह आपकी किडनी पर बुर असर डाल सकता है। साथ ही, अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अगर दवाएं खाने पर भी दर्द में आराम न मिले, ऐसे में अपने डॉक्टर को दिखाएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
