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माइक्रोवेव में पानी-दूध गर्म करने से बढ़ सकता है रिस्क, सेहत के लिए क्यों है खतरनाक, जानें रिस्क

Microwave Water And Milk Risks: आजकल माइक्रोवेव में पानी या दूध गर्म करना बहुत आम बात है। जल्दी में लोग गैस जलाने की बजाय सीधे माइक्रोवेव में मग रख देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आसान-सा तरीका आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है? हाल ही की रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की मानें तो माइक्रोवेव में पानी या दूध ओवरहीट होकर कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इस आर्टिकल में जानिए पूरा सच और छिपे हुए रिस्क।

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माइक्रोवेव में पानी-दूध गर्म करने के नुकसान

Microwave Water And Milk Risks: क्या आप भी रोज पानी या दूध माइक्रोवेव में गर्म करते हैं? यह आदत दिखने में आसान जरूर है, लेकिन इसके छिपे हुए खतरे आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। माइक्रोवेव में पानी और दूध अक्सर ओवरहीट होकर सुपरहीटिंग की स्थिति में पहुंच जाते हैं, जिससे अचानक फटना, जलना और पोषक तत्व कम होना जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं। जानें, विशेषज्ञ माइक्रोवेव में गर्म करने से क्यों मना करते हैं और क्या है सुरक्षित तरीका।

बिना उबले अचानक फट सकता है पानी

माइक्रोवेव में रखे पानी या दूध दिखने में शांत लगता है, लेकिन अंदर ही अंदर यह सुपरहीट हो चुका होता है। यानी तापमान सामान्य उबलने वाले पॉइंट से ऊपर चला जाता है, लेकिन बुलबुले नहीं बनते। जैसे ही आप मग को बाहर निकालते हैं या चम्मच डालते हैं, यह अचानक उफान के साथ फट सकता है। कई मामलों में चेहरा और हाथ गंभीर रूप से जल चुके हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार माइक्रोवेव की uneven heating ही इसका कारण है।

गर्माहट बढ़ाती है जलने का खतरा

माइक्रोवेव भोजन या लिक्विड को बराबर तरीके से गर्म नहीं करता। ऊपर का हिस्सा ठंडा लग सकता है, जबकि नीचे का हिस्सा बहुत ज्यादा गर्म हो चुका होता है। यही असमान गर्माहट अचानक छींटे उड़ने, ओवरहीटिंग या skin burns का कारण बनती है। खासकर दूध में यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि उसकी पतली परत अचानक फट सकती है।

दूध के पोषक तत्व भी हो सकते हैं कम

रिपोर्ट के अनुसार माइक्रोवेव की हाई-इंटेंसिटी वेव्स दूध के कुछ थर्मो-सेंसिटिव न्यूट्रिएंट्स को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें विटामिन B12 जैसे कुछ पोषक तत्व हार्ट सेंसिटिव होते हैं, जो अधिक तापमान में धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। बार-बार माइक्रोवेव में दूध गर्म करने वालों में इन पोषक तत्वों की कमी देखने को मिल सकती है।

केमिकल लीचिंग का खतरा

अक्सर लोग कोई भी प्लास्टिक का कप या कंटेनर माइक्रोवेव में रख देते हैं। लेकिन अगर वह माइक्रोवेव-सेफ नहीं है, तो गर्म होने पर उससे BPA जैसे हानिकारक केमिकल पानी या दूध में मिल सकते हैं। लगातार ऐसा करने से यह शरीर में जमा होते रहते हैं, जो हार्मोनल समस्याओं से लेकर मेटाबॉलिज्म तक पर असर डाल सकते हैं।

दूध का अचानक उफान और छलकना ज्यादा खतरनाक

दूध का नेचर पानी से अलग होता है। माइक्रोवेव में यह एकदम ऊपर उठकर छलक सकता है, जिससे न केवल त्वचा जलती है बल्कि किचन में भी गंदगी फैलती है। कई बार यह ओवरहीट होकर कंटेनर को भी नुकसान पहुंचा देता है। इसीलिए विशेषज्ञ गैस पर धीमी आंच में ही दूध गर्म करने की सलाह देते हैं।

बार-बार माइक्रोवेव में गर्म करना अनसेफ

जब हम रोज पानी या दूध माइक्रोवेव में गर्म करते रहते हैं, तो कई बार टाइमिंग गलत हो जाती है और लिक्विड ओवरहीट हो जाता है। यह लगातार सुपरहीटिंग की स्थिति को पैदा करता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। रिसर्च के अनुसार किचन बर्न इंजरीज में माइक्रोवेव सुपरहीटिंग एक बड़ी वजह है।

माइक्रोवेव में पानी या दूध गर्म करना आसान जरूर है, लेकिन इसके पीछे कई ऐसे छिपे खतरे हैं, जिनसे हम अक्सर अनजान रहते हैं। सुपरहीटिंग, असमान गर्माहट, पोषक तत्वों का कम होना और कंटेनर से केमिकल लीचिंग - ये सभी गंभीर कारण हैं जिनके चलते विशेषज्ञ ऐसे लिक्विड्स को माइक्रोवेव में गर्म करने से बचने की सलाह देते हैं। सुरक्षित विकल्प है गैस पर धीमी आंच में गर्म करना, ताकि गर्माहट भी समान मिले और सेहत भी सुरक्षित रहे।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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