Annakut Prasad On Govardhan Puja: दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा का त्योहार खास तौर पर मथुरा और गोवर्धन में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है और भक्त इसे प्रसाद के रूप में बांटते हैं। लेकिन अन्नकूट सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। इसमें शामिल बाजरे की खिचड़ी, कढ़ी और सीजन की हरी सब्जियां शरीर को गर्म रखती हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं और बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों से बचाती हैं। आइए जानते हैं अन्नकूट के स्वास्थ्य और धार्मिक महत्व को।
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का महत्व
दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण को अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाता है। मंदिरों में इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। अन्नकूट बनाने की परंपरा यह दर्शाती है कि घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और रसोई हमेशा अन्न और सब्जियों से भरी रहती है।
अन्नकूट में क्या होता है और क्यों स्वास्थ्यवर्धक है
अन्नकूट में बाजरे की खिचड़ी, कढ़ी, पूरी और हरी सब्जियों का मिश्रण तैयार किया जाता है। बाजरे की खिचड़ी प्रोटीन से भरपूर होती है और शरीर को गर्म रखती है। कढ़ी कैल्शियम प्रदान करती है और हल्की सर्दी से बचाती है। हरी सब्जियों जैसे पालक, मेथी, मूली, गाजर, मटर और बैंगन में विटामिन और फाइबर भरपूर होता है, जो शरीर को पोषण देते हैं और बदलते मौसम में बीमारियों से बचाते हैं।
बदलते मौसम में अन्नकूट का स्वास्थ्य लाभ
कार्तिक माह में खांसी, जुकाम, बुखार और स्किन इंफेक्शन बढ़ जाते हैं। अन्नकूट में मौजूद फाइबर और विटामिन शरीर को गर्म रखते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इसलिए यह सिर्फ धार्मिक प्रसाद नहीं, बल्कि एक प्रकार की औषधि का काम भी करता है।
Source: IANS
