यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन (UTI), यानी मूत्र मार्ग का संक्रमण, महिलाओं में ज्यादा होता है। हेल्थ रिसर्च के आंकड़ों की मानें तो, हर दूसरी महिला को जिंदगी में कम से कम एक बार यूरिन इंफेक्शन का खतरा जरूर होता है। लेकिन भारतीय महिलाएं अपनी इस समस्या को सामने दर्शाने में काफी संकोच करती हैं। यही कारण है कि ये समस्या और भी गंभीर होती जाती है। इस समस्या में पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, पेट के निचले हिस्से में दर्द और कभी-कभी बुखार जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। आज हम आपको इसके पीछे के कारण और बचाव के उपाय बताने जा रहे हैं।
यूरेथ्रा की लंबाई
महिलाओं के शरीर में यूरेथ्रा यानी मूत्रमार्ग की लंबाई छोटी होती है। जिसकी वजह यूरिन पास करते समय संक्रमण फैलने वाले बैक्टीरिया ब्लैडर में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। यूरेथ्रा की लंबाई का कम होना एक मुख्य कारण है जिससे महिलाओं को बार-बार यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ा हुआ रहता है।
मेनोपॉज
मेनोपॉज के समय भी अक्सर महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। जी हां इस मुश्किल समय में महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं। जिससे महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है। ये भी महिलाओं में होने वाले यूरिन इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण है।
टाइट कपड़े
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो महिलाओं में यूरिन इंफेक्शन का कारण टाइट अंडरवियर का पहनना भी होता है। यदि आप बहुत ज्यादा टाइट कपड़े और अंडरगारमेंट पहनती हैं, तो आपको ढीले और कॉटन के कपड़े पहनने का विचार करना चाहिए। ये आरामदायक कपड़े आपको इंफेक्शन से बचा सकते हैं।
यूरिन इन्फेक्शन कंट्रोल करने के उपाय
- यूरिन इंफेक्शन से बचाव के लिए जरूरी है कि आप खूब पानी पिएं। जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतना ही बैक्टीरिया यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाएंगे। दिन में कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पीएं।
- यूरिन इंफेक्शन से बचाव के लिए जरूरी है कि आप पेशाब रोक कर न रखें। पेशाब को देर तक रोकने से ब्लैडर में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। इसलिए जैसे ही पेशाब लगे, तुरंत वॉशरूम जाएं।
- यूरिन इंफेक्शन से बचाव के लिए जरूरी है कि आप प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई जरूर करें। आपको प्राइवेट पार्ट की सफाई हमेशा आगे से पीछे की ओर करनी चाहिए। जिससे बैक्टीरिया के फैलने का खतरा कम किया जा सके।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
