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सोते समय लेते हैं बहुत ज्यादा खर्राटे, तो शरीर में हो सकती है इस चीज की कमी, एक्सपर्ट से जानें इसके पीछे का सटीक जवाब

Causes Of Snoring : सोते समय खर्राटे लेना काफी परेशानी का कारण हो सकता है। खर्राटे आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लेकिन आज हम आपको शरीर में हुई विटामिन्स की कमी बताएंगे। जो खर्राटे आने का बड़ा कारण भी हो सकती है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके पीछे का सही कारण...

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snoring causes

Causes Of Snoring At Night : रात में सोते समय खर्राटे आना एक सामान्य समस्या है, जिससे आमतौर पर बहुत से लोग प्रभावित होते हैं। खर्राटे को अक्सर हल्के में लिया जाता है। हालांकि यह समस्या केवल इतनी ही नहीं है। बल्कि ये आपकी सेहत से जुड़ा संकेत हो सकता है। जी हां ज्यादा खर्राटे लेना आपकी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं की तरफ भी इशारा करता है। बहुत सारे लोग खर्राटे को मोटापा, तो कुछ लोग सांस नली में रुकावट से जोड़कर देखते हैं। लेकिन आज हमने आपकी इस गंभीर समस्या को लेकर बात की फॉर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डॉ. विनीत बंगा से... आइए जानते हैं खर्राटे को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

विटामिन की कमी

डॉ. विनीत बंगा की मानें तो नींद में ज्यादा खर्राटे आना एक आम समस्या है। जिसे लोग केवल शारीरिक थकान और सोने की कंडीशन से जुड़ा हुआ मान लेते है। लेकिन आपको बता दें कि ये केवल इतना ही विषय नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर में कुछ विटामिन्स की कमी भी हो सकती है। जी हां ज्यादा खर्राटे लेने के पीछ एक कारण विटामिन्स की कमी भी हो सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार, विटामिन D और विटामिन B12 की कमी से भी खर्राटों की समस्या बढ़ सकती है।

मांसपेशियों पर असर

शरीर में विटामिन D की कमी से मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है, जिससे गले की मांसपेशियाँ सिथिल पड़ सकती हैं जो सांस लेने में रुकावट पैदा करती है। सांस लेने में रुकावट आना खर्राटों का कारण बनती है। वहीं, विटामिन B12 की कमी से शरीर की नसों और मानसिक स्वास्थ्य पर असर आता है। जिससे नींद की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। जो खर्राटे बढ़ने का एक अहम कारण हो सकता है।

खर्राटे आने के अन्य कारण

इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन और पीठ के बल सोना भी खर्राटे ज्यादा आने के सामान्य कारण हैं। यदि आप इन सभी कारणों से दूर हैं और आपको अभी भी खर्राटे की समस्या बनी हुई है तो आपको डॉक्टर से जांच करा लेनी चाहिए। क्योंकि फिर इसके पीछे स्लीप एपनिया जैसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकता है।

खर्राटे आने के प्रमुख कारण

  • गले की मांसपेशियों का शिथिल होना जिससे वायुमार्ग में बाधा आ जाती है।
  • मोटापा या वजन बढ़ना खर्राटे आने के पीछे एक अहम कारण हो सकता है। क्योंकि मोटे लोगों के गर्दन और गले के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा हो जाती है।
  • नाक में सूजन, सर्दी, एलर्जी या नाक की हड्डी का बढ़ना (सेप्टल डिविएशन) वायुमार्ग को रोकता है। जो खर्राटे आने की बड़ी वजह है।
  • अल्कोहल और धूम्रपान गले की मांसपेशियों को कमजोर कर देते हैं, जिससे खर्राटे की समस्या बढ़ जाती है।
  • स्लीप एपनिया जिसमें नींद के दौरान श्वसन मार्ग बार-बार बंद हो जाता है, इससे खर्राटे और नींद में रुकावट होती है।

खर्राटों कंट्रोल करने के उपाय

  1. मोटापा (वजन बढ़ना) खर्राटों को बढ़ाता है, इसलिए अपना वजन कंट्रोल में रखें।
  2. सोने की स्थिति खर्राटे के लिए जिम्मेदार है, इसलिए पीठ के बल न सोएं बल्कि करवट लेकर सोने की आदत डालें।
  3. अल्कोहल और धूम्रपान का सेवन करने से परहेज करें। ये गले की मांसपेशियों को कमजोर करते हैं।
  4. स्लीप एपनिया की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि ये एक खतरनाक कंडीशन है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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