अमेरिका के हैकेंसैक मेरिडियन सेंटर फॉर डिस्कवरी एंड इनोवेशन (सीडीआई) से संबद्ध ज्योति नागज्योति ने कहा कि डेटा से पता चला कि मादा चूहों में वसा ऊतक वायरस के लिए अधिक अनुकूल रहा और इस प्रकार फेफड़े ज्यादा प्रभावित नहीं हुए।
अनुसंधानकर्ताओं ने वसा ऊतक के कार्य पर सार्स-कोव-2 संक्रमण के प्रभाव और कोविड-19 मॉडल में वसा हानि पर रोग के प्रभाव का मूल्यांकन किया। अध्ययन के लेखकों ने कहा, ‘‘ये आंकड़े महिलाओं की तुलना में पुरुषों में उच्च कोविड-19 संवेदनशीलता की व्याख्या करने में मदद कर सकते हैं।’’
