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पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को क्यों होता है थायराइड का खतरा? डॉक्टर से जानें इसके कारण और लक्षण

World Thyroid Day 2025 : महिलाओं के शरीर में थायराइड की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसके पीछे कई तरह के कारण होते हैं। विश्व थायराइड दिवस (25 मई) के मौके पर हम आपको बताएंगे कि क्यों महिलाओं को थायराइड का खतरा ज्यादा होता है? आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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Thyroid Disease

World Thyroid Day 2025 : अक्सर देखने को मिलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड की समस्या काफी ज्यादा होती है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि थायराइड की शिकार महिलाएं ही क्यों ज्यादा होती हैं। कुछ हेल्थ रिपोर्ट्स की मानें तो पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को थायराइड का खतरा 10 गुना तक ज्यादा होता है। थायराइड के कारण महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इतना ही नहीं थायराइड कई और भी समस्याओं की वजह बन जाता है। महिलाओं से जुड़ी इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए हमने बात की यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डॉ. अरुण मुक्का से....

महिलाओं को क्यों ज्यादा होता है थायराइड? - Why do Women Suffer From Thyroid More than Men?

डॉ. अरुण मुक्का कहते हैं कि, हमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड के मामले काफी ज्यादा देखने को मिलते हैं। आंकड़ों की मानें तो हर आठ में से एक महिला को अपने जीवनकाल में थायराइड की समस्या का अनुभव होने की संभावना है। महिलाओं के लिए थायराइड का जोखिम पुरुषों की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक है। हालांकि इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं।

Causes of Thyroid

Causes of Thyroid

ऑटोइम्यून रोग - Autoimmune Diseases

डॉ. अरुण मुक्का की मानें तो महिलाओं में ऑटोइम्यून रोग होने की अधिक संभावना होती है। जिससे वे हाशिमोटो के थायरॉयडिटिस और ग्रेव्स रोग जैसे थायराइड रोगों की शिकार हो जाती हैं। ये रोग प्रकृति में ऑटोइम्यून हैं, जिसमें हमारे शरीर की सफेद रक्त कोशिकाएं थायरॉयड ग्रंथि पर हमला करती हैं। ऑटोइम्यून रोगों के लिए जिम्मेदार आनुवंशिक कारण महिलाओं में अधिक पाए जाते हैं। ये एक मुख्य कारण है कि महिलाओं में थायराइड रोग का खतरा अधिक होता है।

हार्मोनल प्रभाव - Hormonal Effects

महिला का शरीर काफी हद तक एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन से प्रभावित होता है। ये दोनों हार्मोन का इंबैलेंस आपके थाइरॉयड फंक्शन को प्रभावित करते हैं। मासिक धर्म, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के दौरान हार्मोनल बदलाव थायराइड की समस्या को बढ़ाते हैं। उदाहरण के लिए, गर्भावस्था में थायराइड हार्मोन उत्पादन बढ़ता है, जिससे थायराइड ग्रंथि की शिथिलता बढ़ जाती है। वहीं बच्चा पैदा होने के बाद थायरॉयडिटिस और पेरिमेनोपॉज के दौरान सबक्लिनिकल हाइपोथायरायडिज्म की समस्या भी आम हैं। ये सभी कारण मिलकर महिलाओं के शरीर में थायराइड की समस्या को काफी आम बना देते हैं।

आनुवंशिकी और गुणसूत्र से जुड़े कारण - Causes of Genetics And Chromosomes

महिलाओं में दो एक्स गुणसूत्र (46, XX) होते हैं, जबकि पुरुषों में एक एक्स(46, XY) होता है। माना जाता है कि थायरॉयड रोगों से जुड़े जीन एक्स गुणसूत्र पर स्थित होते हैं। ये एक बड़ा कारण है कि महिलाओं में थायराइड की समस्या पुरुषों की तुलना में आनुवंशिक जोखिम बढ़ जाता है।

थायराइड के लक्षण - Symptoms of Thyroid in Hindi

Symptoms of Thyroid

Symptoms of Thyroid

1. वजन में तेजी से परिवर्तन

  • हाइपोथायरायडिज्म - शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी के कारण मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
  • हाइपरथायरायडिज्म - शरीर में अधिक थायराइड हार्मोन होने के कारण मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे वजन कम होने लगता है।

2. मूड स्विंग्स और मानसिक रोग

  • हाइपोथायरायडिज्म होने पर आपको अवसाद, चिड़चिड़ापन, और मानसिक सुस्ती जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
  • जबकि हाइपरथायरायडिज्म होने पर आपको चिंता, घबराहट और नींद न आने की समस्या होती है।

3. गर्दन में सूजन

  • हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही कंडीशन में थायराइड ग्रंथि की सूजन से गर्दन के सामने की ओर सूजन या गांठ जैसा महसूस हो सकता है। जिसे गोइटर कहा जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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