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Heatwave में कौन से लोग सबसे ज्यादा खतरे में होते हैं, सिर्फ बुजुर्ग नहीं, इन हेल्दी लोगों को भी रहना चाहिए सावधान

Heatwave Risk: क्या आप जानते हैं तपती गर्मी और हीटवेव के दौरान सिर्फ बुजुर्ग लोग ही नहीं, बल्कि स्वस्थ और फिट लोग भी जोखिम में हो सकते हैं। जानिए किन लोगों पर गर्मी का सबसे ज्यादा असर पड़ता है, हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत क्या हैं और बचाव के आसान उपाय क्या हैं।

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हीटवेट के खतरे में कौन लोग ज्यादा होते हैं?

Heatwave Risk: देश के कई हिस्सों में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। दोपहर में घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे मौसम में अक्सर यह माना जाता है कि लू और तेज गर्मी का खतरा सिर्फ बुजुर्गों या बीमार लोगों को होता है। लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हीटवेव (Heatwave) यानी बहुत ज्यादा गर्मी किसी को भी बीमार कर सकती है।

अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद में इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर मोहित शर्मा बताते हैं कि अगर शरीर को जरूरत के मुताबिक पानी न मिले या लंबे समय तक तेज धूप में रहना पड़े, तो पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ सकता है। यही वजह है कि गर्मी के इस मौसम में सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि आपकी दिनचर्या और आदतें भी तय करती हैं कि आप कितने सुरक्षित हैं। आइए जानते हैं कि हीटवेव के दौरान किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है।

सिर्फ उम्र नहीं लाइफस्टाइल भी बढ़ा सकती है खतरा

डॉक्टर के मुताबिक गर्मी का असर सिर्फ बुजुर्गों पर नहीं पड़ता। जो लोग दिनभर बाहर रहते हैं, ज्यादा मेहनत वाला काम करते हैं या लंबे समय तक धूप में रहते हैं, उनके लिए भी खतरा कम नहीं होता। कई बार शरीर फिट दिखता है, लेकिन अंदर से वह गर्मी का दबाव झेल नहीं पाता। ऐसे में अचानक चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या तबीयत बिगड़ना आम बात है।

बाहर काम करने वाले लोग रहें ज्यादा सतर्क

जैसा कि हम देखते हैं मजदूर, किसान, डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिस और निर्माण कार्य से जुड़े लोग घंटों धूप में रहते हैं। ऐसे लोगों के शरीर से पसीने के जरिए काफी पानी निकल जाता है। अगर समय-समय पर पानी न पिया जाए तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे थकान, सिरदर्द और चक्कर जैसी परेशानियां शुरू हो सकती हैं। इसलिए बाहर काम करने वालों को गर्मी में खुद का खास ध्यान रखना चाहिए।

जिम और खेलकूद करने वाले लोग भी सुरक्षित नहीं

बहुत से लोग सोचते हैं कि फिट रहने से गर्मी का असर नहीं होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। जो लोग धूप में दौड़ते हैं, साइकलिंग करते हैं या आउटडोर गेम खेलते हैं, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है। ज्यादा मेहनत करने से शरीर जल्दी गर्म हो जाता है। अगर बीच-बीच में पानी न पिया जाए तो तबीयत बिगड़ सकती है।

पहले से बीमार लोगों को दोगुनी सावधानी की जरूरत

दिल की बीमारी, डायबिटीज, किडनी या सांस से जुड़ी समस्या वाले लोगों पर गर्मी का असर ज्यादा पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे लोगों का शरीर मौसम के बदलाव को संभालने में ज्यादा मेहनत करता है। इसलिए उन्हें धूप से बचना चाहिए और पानी की मात्रा कम नहीं होने देनी चाहिए।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

गर्मी लगने पर शरीर पहले ही संकेत देना शुरू कर देता है। अगर बार-बार प्यास लगे, सिर भारी महसूस हो, कमजोरी आए, चक्कर आए या बहुत ज्यादा थकान महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये संकेत बताते हैं कि शरीर गर्मी से परेशान हो रहा है और उसे तुरंत आराम और पानी की जरूरत है।

बचाव ही सबसे आसान इलाज है

विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मी के दिनों में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढकें। याद रखें, हीटवेव सिर्फ बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए खतरा बन सकती है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है।

डॉक्टर क्या देते हैं सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी को हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। शरीर को ठंडा रखना, पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचना ही हीटवेव से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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