Home Remedies For Burns In HIndi: बहुत बार ऐसा होता है कि रसोई में भोजन पकाते समय कई बार कुछ दर्घटनाएं हो जाती हैं। इनमें सबसे आम है जलने की समस्या। रसोई में छोटे-मोटे काम करते समय अक्सर लोग जल जाते हैं। दीपावली का त्योहार है ऐसे में घर-घर दीप जलाएं जाएंगे। इसके अलावा, घरों में तरह-तरह के पकवान भी बनाए जाएंगे। इस दौरान जलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। किचन में खाना पकाते समय तेल से, या किसी गर्म बर्तन के छू जाने से जलने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में त्योहारों के समय आपको इसका खास ध्यान रखने की जरूरत है। पटाखों के इस्तेमाल में छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि अगर आप किसी कारण जलने की घटना का सामना करते हैं, तो ऐसे में कुछ सरल नुस्खों की मदद से आसानी से जलन से राहत पा सकते हैं। साथ ही, जलन के घाव भर सकते हैं। यहां जानें इनके बारे में विस्तार से ...
जलने के होते हैं कई प्रकार
किसी भी शारीरिक दुर्घटना के बाद हमेशा फर्स्ट एड या प्राथमिक उपचार लेने की सलाह दी जाती है। जलने पर भी यदि सही तरीके से प्राथमिक उपचार किया जाए, तो प्रभावित इंसान को ज्यादा नुकसान होने से बचाया जा सकता है। जलने को प्रभावित त्वचा को होने वाले नुकसान और गहराई के आधार पर तीन डिग्रियों में बांटते हैं,
फर्स्ट डिग्री बर्न
इसमें त्वचा की केवल ऊपरी सतह प्रभावित होती है। इसके लक्षणों में लालिमा, दर्द और सूखापन शामिल हैं। इसमें किसी तरह के छाले नहीं पड़ते हैं।
सेकंड डिग्री बर्न
इसमें त्वचा की एपिडर्मिस और डर्मिस सतह प्रभावित होती है। इसके लक्षणों में आमतौर पर लालिमा, दर्द, सूजन, छाले और प्रभावित स्थान पर नमी दिखती है।
थर्ड डिग्री बर्न
इसमें जलने का प्रभाव एपिडर्मिस और डर्मिस के पार चला जाता है। इसमें दर्द नहीं होता है या बहुत कम दर्द होता है, त्वचा का रंग सफेद, भूरा या काला पड़ जाता है और त्वचा की नरमी कम हो जाती है।
जलने पर क्या करें - What To Do About Burns In Hindi
1. आप कई तरह से जल सकते हैं- गर्म लिक्विड से, आंच से, भाप से या केमिकल से। जलने पर त्वचा के टिश्यू को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में थर्ड डिग्री की जलन पर इंसान को तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी जाती है।, लेकिन थोड़ा बहुत जलने को घर पर ही फर्स्ट एड की सहायता से ठीक किया जा सकता है।
2. हल्के मामलों मेंजलने की जगह को 10 मिनट तक सामान्य ठंडे पानी से धोएं। अगर लगातार धोना संभव न हो तो ठंडे पानी में गीले कपड़े को भिगोकर प्रभावित हिस्से पर रखें। जलने की जगह से कपड़े या गहने हटा दें। ये काम आपको जलने के तुरंत बाद करना होगा वरना जगह की सूजन बढ़ जाने बाद दिक्कत हो सकती है। जलने की जगह पर मक्खन, घी, टूथपेस्ट जैसी चीजें न लगाएं।
3. फर्स्ट या सेकंड डिग्री जलने पर कोई एंटीसेप्टिक क्रीम या कोई हल्का मॉइस्चराइजर लगाएं। ये जलन को ठीक करने में सहायक हो सकते हैं। अगर छाले पड़ जाएं तो उन्हें कभी न फोड़ें। दर्द की स्थिति में कोई ओवर दी काउंटर दर्द की दवाई ले सकते हैं।
4. गंभीर रूप से जलने पर जले हुए स्थान पर ठंडा पानी न डालें। अगर प्रभावित स्थान पर कपड़े चिपक रहे हैं तो उन्हें हटा दें। किसी भी तरह का ग्रीस या मलहम न लगाएं।
5. इन्फेक्शन से बचाए रखने के लिए जलने की जगह को किसी साफ ढीले कपड़े से ढक दें। ध्यान रखें कि प्रभावित व्यक्ति को दर्द महसूस नहीं हो सकता है। भले ही दर्द न हो, लेकिन गंभीर जलन के लिए चिकित्सकीय देखभाल बहुत जरूरी है इसलिए तुरंत अस्पताल पहुंचें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। ये केवल प्राथमिक उपचार है, गंभीर स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर की सलाह लें।
